सेलिब्रिटी जब मुंबई की भागदौड़ में थककर चूर हो जाते हैं, तो अपने आराम के लिए यहां बनाए गए रिजोर्ट में आकर छुट्टियां बिताकर जाते हैं। यहां चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है, तो ऊपर खुला आसमां दिखाई देता है। हर घर में रंग-बिरंगे विभिन्न किस्मों के सैकड़ों फूल लगे नजर आते हैं। लकड़ी के कॉटेजनुमा घरों के आसपास लगे फूल देख मन पुलकित हो उठता है। बगीचों में गमलों व छोटे-छोटे पेड़ों पर ही बड़े-बड़े आम, सेब व अन्य फल लगे नजर आते हैं। मार्केट से खरीदकर फल तो रोज ही खाते थे, यहां बागों से तोड़-तोड़कर फल खाने का मजा भी अलग ही है।
गर्मियों में यहां घूमना और भी मजेदार अनुभव कराता है। किसी भी घर में यहां एसी, कूलर या पंखा लगा नजर नहीं आता है, क्योंकि यहां अक्सर मौसम ठंडा ही रहता है। छोटे-छोटे पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलकर एक से दूसरे पहाड़ तक जाना भी रोमांच पैदा करता है। यहां के पर्वतीय क्षेत्र बहुत ऊंचे हैं। इन क्षेत्रों में तो खुद ड्राइविंग का अनुभव भी अलग होता है। पहाड़ों पर खुद ड्राइविंग करके गया हूं। मगर इस बार पहाड़ों पर ड्राइविंग का रोमांच ही अलग रहा, क्योंकि इससे पहले ऐसे ऊंचे व खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र में कभी ड्राइविंग करने का मौका नहीं मिला था।
रामगढ़ से हिमालय भी बिल्कुल पास नजर आता है। इस इलाके के लोग बहुत ही मिलनसार हैं, वे इतना मीठा बोलते हैं कि उनकी बातें सुनते रहो। रामगढ़ क्षेत्र से ही कुछ दूरी पर स्थित घोड़ाखाल मंदिर है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में हजारों-लाखों घंटियां बंधी नजर आती हैं, जो श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक हैं। इस मंदिर की इतनी प्रसिद्धि के चलते यहां कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। रामगढ़ के पास भीमताल व नैनीताल जैसे मुख्य हिल स्टेशन तो देखने लायक हैं ही, मगर जो लोग भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर कुछ दिन बिताना चाहते हैं, ऐसे लोगों के लिए गागर या रामगढ़ देखने लायक है।
(जगदीश जोशी से बातचीत पर आधारित)