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जब एक गली में हों दो संस्कृति के घर, कुछ ऐसी ही है कैरेबियन आइलैंड की दुनिया

Sun, 14 Jul 2019 06:23 PM IST
मोना नारंग स्वाति शाह
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कैरेबियन आइलैंड की अपनी एक अलग दुनिया है। - फोटो : max pixel
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कैरेबियन आइलैंड की अपनी एक अलग दुनिया है। जब आप वहां से गुजरते हैं, तो आपको एक ही गली में दो अलग-अलग घर दिखेंगे। वहां का आर्किटेक्चर अामने-सामने कुछ अलग ही होगा। मैं बहुत सोशल नहीं हूं, मुझे ज्यादा पार्टी करना पसंद नहीं है। लेकिन जब कभी भी मुझे मौका मिलता है, तो मैं घूमने को न नहीं कहती। सच कहूं तो मझे घूमना बहुत पसंद है और इसका श्रेय मैं थिएटर को देती हूं, जो हमें कहीं न कहीं ले जाते हैं, हालंकि मेरे लिए सबसे मजेदार जगह वही होती है, जहां मेरा परिवार होता है। वैसे तो मैं हर साल अपने काम से 10 से 15 दिन की छुट्टी लेती हूं। 

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मैंने वर्ल्ड टूर किया है। वर्ल्ड टूर के दौरान लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क, दुबई जैसी प्रसिद्ध जगहों पर जाने का मौका मिला, लेकिन मेरी सबसे पसंदीदा जगह है कैरेबियन आइलैंड। यह आइलैंड कई सारे छोटे-छोटे द्वीपों का एक समूह है। यह आइलैंड मियामी के पास है। यह द्वीप समूह मुझे इतना पसंद आया कि मैं वहां दोबारा जाना चाहती हूं। इसकी सबसे अनोखी बात मुझे लगी कि वहां पर आपको अलग-अलग संस्कृति देखने को मिलती है। कैरेबियन आइलैंड दो सभ्यताओं का एक अनोखा मिश्रण है, जहां एक तरफ आधा आइलैंड डच संस्कृति को मानता है और आधा फ्रेंच संस्कृति को। आधे द्वीप पर डच राजाओं ने राज्य किया और वहीं अपनी कॉलोनी बना लीं और आधी फ्रेंच सभ्यता है। जब आप वहां से गुजरते हैं, तो आपको एक ही गली में दो अलग-अलग घर दिखेंगे। वहां का आर्किटेक्चर अामने-सामने कुछ अलग ही होगा। 

यहां समुद्र के किनारे बैठने का अपना एक अलग मजा है। - फोटो : max pixel
कैरेबियन आइलैंड में खाने-पीने की चीजें भी अलग-अलग हैं। यह सारी चीजें मेरे लिए बहुत अलग थीं, हालांकि मुझे यह सब बहुत पसंद आया। यह आइलैंड चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। वहां पर समुद्र के किनारे की अपनी एक अलग दुनिया है। समुद्र के किनारे बैठने का अपना एक अलग मजा है। छोटे-छोटे टापू होने की वजह से आप वहां का जबरदस्त लुत्फ उठा सकते हैं। शाकाहारी होने के कारण मैंने वहां ज्यादातर स्थानीय व्यंजन ही खाए, क्योंकि मैं अपने थिएटर ट्रूप के साथ गई थी, तो उन्हीं लोगों ने खाने का इंतजाम किया था। वहां मैं तीन दिन रुकी थी और फिर वापस मियामी से भारत आ गई।
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अपने देश की बात करें, तो गुजराती होने की वजह से मैं पूरा गुजरात घूम चुकी हूं। दक्षिण भारत भी बहुत घूमा है खासकर तमिलनाडु और केरल। कोलकाता शहर भी बहुत घूमी हूं। हां, कभी उत्तर भारत को देखना का मौका नहीं मिला। भविष्य में जरूर उत्तर भारत घूमना चाहती हूं, जिनमें उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश को प्रमुखता में रखा है। मेरी इच्छा है कि मैं अपने परिवार के साथ उत्तर की सभी जगहों पर जाऊं और वहां की संस्कृति का आनंद उठा सकूं। फिलहाल मैं सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले सीरियल 'इशारों इशारों में' व्यस्त हूं। इसमें मैं एक दिव्यांग बेटे की मां का किरदार निभा रही हूं।
-सुरभि शुक्ला से बातचीत पर आधारित  
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