प्यार में धोखे की कहानी
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पांच महीने पहले उसने सबके सामने मुझे सिर्फ इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि मैंने जींस नहीं खरीदवाई! मेरा फोन छीनकर पटक दिया। मुझे भिखारी कहकर चल दी। मेरा पर्स भी ले गई। यह घटना साकेत मॉल की है। वहां से लोधी गार्डन तक मैं कैब में आया और फिर दोस्त से पैसे मांगकर ड्राइवर को दिए। थप्पड़ खाने से पहले हमने साथ में फिल्म देखी थी। साथ ही मैं खाना भी खाया था।
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इस घटना से एक हफ्ते पहले ही मैंने उसे जमकर शॉपिंग करवाई थी। दो महीने से मैं किराए के पैसे कम दे रहा था और दोस्त इसकी भरपाई कर रहे थे। उसे मनाने के लिए मैं अपने दोस्तों से पैसे मांगकर फिर वापस साकेत आया और वही जींस खरीदी। मेरे ऊपर दिन ब दिन कर्जा बढ़ते जा रहा था। और वह खर्च कराने में पीछे नहीं हटती थी।
मुझे सब समझ आ रहा था, लेकिन आंखों पर प्यार की पट्टी जो चढ़ी थी, सोचता था- एक दिन वह समझेगी कि मैं उसके साथ क्यों घूमता हूं? उसकी हर बात क्यों मानता हूं? उसकी हर जिद को पूरा क्यों करता हूं? मुझे लगता था, वह मेरे भीतर की मोहब्बत को समझेगी।
लेकिन उसे इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता था। हमारा रिलेशनशिप ऐसा ही चलता आ रहा था। दोस्तों के साथ बैठने पर वे हंसते थे। गर्लफ्रेंड के साथ रहता तो कब भड़क जाए यह टेंशन बनी रहती। क्लास में भी वह अचानक मेरे ऊपर चिल्ला देती। गुस्सा हो जाती। उसकी वजह से मैं दोस्तों से बिल्कुल कट गया था।
उसके साथ शॉपिंग। उसका असाइनमेंट। उसका रिचार्ज। यहां तक की कई बार उसके दोस्तों के लिए भी मूवी टिकट मैं ही बुक कराता। जरा-सा मेरा फोन बिजी रहता तो वह इतना भड़क जाती और गालियां तक देने लगती। और उसका फोन घंटों बिजी रहने पर मैं यह भी नहीं पूछ सकता था किससे बात कर रही हो?
मेरे सारे दोस्त मुझे प्रताड़ित प्रेमी कहने लग गए थे। मुझे यह भी मंजूर था क्योंकि इलाहाबाद से दिल्ली आने पर मुझे पहली नजर में ही उससे प्यार हो गया था।
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और यह सब चलता रहता अगर मुझे शक नहीं होता।
दरअसल, रीना सिर्फ मुझे बेवकूफ बना रही थी। वह प्यार किसी और से करती थी। मैंने उसके सारे चैट पढ़ लिए थे। जिन में वह मेरे ऊपर जबरदस्ती पीछे पड़ने का इल्जाम लगा रही थी। जब मैंने उससे पूछा तो वह भड़क गई और हमारे बीच लड़ाई हुई। उसने मुझसे कहा- 'क्या मैंने कभी तुम्हें प्यार का इजहार किया?'
उसकी इस बात को मैं समझ नहीं पा रहा था। हजार बार से भी ज्यादा प्रेम का इजहार करने। हर दिन लव यू कहने।एक साल से रिलेशनशिप में होने के बाद भी वह यह पूछ रही थी। सारे दोस्तों को पता था कि वह मेरी गर्लफ्रेंड है। और वह अचानक मुझ पर बरस रही थी।
उसने मुझे एक और थप्पड़ जड़ा और मेरी शिकायत अपने ब्वॉयफ्रेंड से करने की धमकी देने लगी। उसकी इन बातों को सुनकर मैं हैरान था! मैंने उससे पूछा तो हमारे बीच कुछ नहीं है। वह गुस्से से बोल रही थी कुछ भी नहीं है। तुम्हें पता होना चाहिए मेरा ब्वॉयफ्रेंड है। मैंने कहा- कब से है? उसका जवाब था- स्कूल के वक्त से ही है।
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एक साल से हमारी लड़ाई चल रही थी। अब वह वापस आ गया है। मैं तुम्हारे सारे पैसे दे दूंगी। अपने गिफ्ट वापस ले लेना। तुम मेरे टाइप नहीं हो। हमारे बीच प्यार कैसे हो सकता है?' और वह यह कहते हुए चले गई और मुझे कभी बात नहीं करने की धमकी भी दे गई।
एक घंटे बाद उसके ब्वॉयफ्रेंड का फोन आया और जमकर गालियों से मेरा स्वागत हुआ। इस वक्त मेरे ऊपर 24 हजार से ज्यादा का उधार है। किरायेदार के लिए मेरे पिता जी बीमार हैं और पिताजी के लिए दिल्ली में मैं बीमार हूं। और दोस्त मेरे ऊपर हंसते हैं। एक साल के पैसे का हिसाब आप खुद लगा लो जब दो महीने के इतने हैं तो..।
मैं हूं कि अब भी लगता है वह मुझे प्यार करती है!
( यह कहानी शुभम (बदला हुआ नाम) की है। शुभम एक प्राइवेट कॉलेज से बीबीए कर रहे हैं। )