चेन्नई के राजलक्ष्मी इंजीनियरिंग कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने एक नया ′टंग टेस्ट सिस्टम ईजाद किया है, जिससे कई बीमारियों का जल्दी पता लगाना मुमकिन हो जाएगा।
कार्तिक राममूर्ति और उनकी टीम ने एक न्यूट्रल नेटवर्क तैयार किया है, जिसमें किसी बीमारी के लक्षणों से जुड़े इनपुट और मरीज की जीभ की तसवीर डाली जाती है।
इससे मिले डायग्नोसिस के आधार पर दूरदराज के उन मरीजों का इलाज किया जाता है, जिनकी डॉक्टर तक पहुंच मुश्किल होती है।
टीम का ऑटोमेटेड डायग्नोस्टिक सिस्टम मरीज की जीभ पर दाग-धब्बे या कुछ जगहों में बनावट के फर्क और शरीर के कुछ अन्य लक्षणों के आधार पर फ्लू, ब्रोंकाइटिस, थ्रोट इन्फेक्शन, एलर्जी, अस्थमा, फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का पता लगा लेता है।