अगर आपने सालों से अपना तकिया नहीं बदला है तो इस जानकारी के बाद हर छह महीने पर आप अपना तकिया बदलना शुरू कर देंगे।
ब्रिटेन के स्लीप टू लिव इंस्टिट्यूट ने अपने शोध में माना है कि छह महीने से अधिक एक तकिया का इस्तेमाल करने से दमा, एलर्जी और मुंहासे जैसी समस्याओं का रिस्क अधिक हो जाता है।
क्यों जरूरी है तकिया बदलना?
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि तकिया पर जमने वाली धूल, तेल, मृत कोशिकाएं शरीर के लिए एलर्जी, मुंहासे, दमा व त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा पैदा करते हैं।
शोध के दौरान 2,200 पुरुषों और महिलाओं पर अध्ययन किया गया और पाया गया कि 82 प्रतिशत प्रतिभागियों को जानकारी नहीं है कि उन्हें तकिया कब बदलना चाहिए।
और भी हैं नुकसान
शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन के अपने अध्ययन में यह भी माना कि आमतौर पर लोग दो से तीन साल तक तकिया नहीं बदलते हैं जऔर गद्दा कम से कम पांच साल तो चलाते ही हैं। ऐसे में गर्दन और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कत भी हो सकती है।