अगर वजन घटाने के लिए आप मन मारकर डाइटिंग करते हैं तो यह जानकारी आपके ही काम की है।
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हाल में हुए शोध की मानें तो डाइटिंग करने वालों में अवसाद की आशंका अधिक हो जाती है। इतना ही नहीं, वे अपनेआप को अकेला, दुखी और थका हुआ महसूस करने लगते हैं।
डाइटिंग से ज़ुड़े दावों की हकीकत
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि यकीनन डाइटिंग से वजन कम करने में मदद मिलती है लेकिन डाइटिंग के दौरान मानसिक स्थिति संवेदनशील होती है।
डाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के उन दावों को इस शोध में खारिज किया गया है जिसमें यह माना गया है कि डाइट उत्पाद लेने से न केवल वजन कम होता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
शोध में माना गया है कि वजन घटाने में सफल होने का अर्थ यह नहीं हो सकता है कि सेहत से जुड़ी सभी समस्याएं खत्म हो जाएं और जरूरी नहीं कि इसके बाद भी व्यक्तित्व में तुंरत बदलाव दिखे।
शोध के दौरान 2000 ओवरवेट लोगों पर अध्ययन किया गया है जो 50 वर्ष की आयु से अधिक हैं।