वुमेन्स डे तो सिर्फ एक बहाना है पर क्या आपने कभी अपने घर में मां, बहन या बीवी, जो आपकी जरूरतों का हर वक्त ख्याल रखती हैं, की सेहत पर गौर किया है?
महिला कामकाजी हो या गृहिणी, वह पूरे परिवार की देखभाल पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाती है लेकिन अक्सर इन जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते वह अपनी ही सेहत के साथ सबसे ज्यादा लापरवाही करती है। जबकि अगर किसी परिवार की महिला सेहत को लेकर जागरूक है तो उसका पूरा परिवार सेहतमंद रहेगा।
डॉक्टरों का मानना है चूंकि महिलाएं प्रजनन और अन्य शारीरिक श्रम जैसी गतिविधियां अधिक करती हैं इसलिए उन्हें पोषण की जरूरत बहुत अधिक है। आइए जानें कि महिलाओं की फिटनेस और सेहत के लिए डाइट में किन चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
लो फैट वाली दही
लो फैट वाली दही में कैल्शियम और प्रोटीन अधिक मात्रा में है। कई शोधों में यह तथ्य माना गया है कि लो फैट दही खाने से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, बेवेल सिंड्रोम, पाचन संबंधी दिक्कतों और ओस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही यह पेट में अल्सर व वैजाइनल संक्रमण के रिस्क को कम करता है।
मछली
मछली में मौजूद फैटी एसिड- ओमेगा 3 महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। कई बार कांट्रासेप्टिव पिल्स के साइड एफेक्ट से महिलाओं में होने वाली ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से बचाव के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है।
इसके अलावा इसके सेवन से हाइपरटेंशन, अवसाद, जोड़ों में दर्द, गठिया, दिल के रोग और प्रजनन संबंधी समस्याओं से भी बचाव होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी मछली का सेवन बहुत फायदेमंद है। गर्भावस्था के दौरान तो मछली का सेवन सप्ताह में दो से तीन बार करना चाहिए।
बीन्स
बीन्स में फैट्स और कोलेस्ट्रॉल कम होता है और यह फाइबर व प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। मेनोपॉज के दौर में इसका सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। यह महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर और दिल के रोगों से दूर रखता है। सप्ताह में तीन से चार बार बीन्स का सेवन महिलाओं के लिए जरूरी है।
गाय का घी
रिफाइंड ऑयल के इस दौर में घरों में गाय का घी मिलना तो बहुत मुश्किल है लेकिन अगर गुंजाइश हो तो महिलाओं की डाइट में गाय का घी जरूर रखें। गाय के घी में सीएलए यानी कॉन्जुलेटेड लिनोलेक एसिड अच्छी मात्रा में होता है जो महिलाओँ को विभिन्न प्रकार के संक्रमणों और मोटापे से दूर रखता है।
पपीता
पपीता पोटैशियम और विटामिन सी का भरपूर स्रोत है जो महिलाओं को ब्लड प्रेशर से दूर रखता है। साथ ही यह गॉल ब्लैडर संबंधी परेशानियों से दूर रखता है। हां, गर्भवती महिलाओं को पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए।
टमाटर
डाइट में टमाटर का सेवन महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट- लाइकोपीन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से दूर रखता है। साथ ही इसके नियमित सेवन से महिलाएं लंबे समय तक युवा दिखती हैं।
पालक
भोजन में पालक महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है। कम से कम सप्ताह में दो से तीन बार डाइट में तो पालक लेना ही चाहिए। यह फोलेट का अच्छा स्रोत है जो गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है। साथ ही, यह कोलोन कैंसर, दिल के रोग और डिमेंशिया जैसे मानसिक रोग से भी उन्हें दूर रखता है। पालक के सेवन से त्वचा पर झुर्रियां कम होती हैं।