जवां दिखने की चाहत में आप कितने भी पैसे एंटी एजिंग उत्पादों पर क्यों न खर्च करें लेकिन आपकी सिर्फ एक गलत आदत जवानी में भी आपके चेहरे पर बुढ़ापे के निशान यानी झुर्रियां छोड़ सकती है।
यूएच केस मेडिकल सेंटर के एक शोध की मानें तो कम सोने या गलत तरीके से सोने के कारण चेहरे पर कम उम्र में ही झुर्रियां आ जाती हैं। शोधकर्ता नैडिन पर्नोडेट के अनुसार, 'हालांकि हमने यह शोध महज 60 महिलाओं पर किया है लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर हैं। शोध में हमने पाया है कि जो प्रतिभागी महज पांच घंटे सोती हैं उन्हें सात घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं की अपेक्षा झुर्रियों का खतरा दोगुना होता है।'
इस शोध में यह भी पाया गया है कि जो लोग कम सोते हैं या फिर तकिये पर चेहरा रखकर सोने से न सिर्फ चेहरे पर झुर्रिया बढ़ती हैं बल्कि दाग-धब्बे या सनबर्न से छुटकारा भी कठिन होता है।
नैडिन बताती हैं, 'रात के दौरान सोते वक्त आपकी त्वचा की कोशिकिएं खुद की मरम्मत करती हैं जिससे दिन भर त्वचा को होने वाले नुकसान की क्षति कम की जा सके। ऐसे में नहीं सोने या कम सोने से त्वचा पर एजिंग से संबंधित समस्याएं बढ़ जाती हैं।'
शोधकर्ताओं का मानना है कि सही मुद्रा में सोने और भरपूर नींद लेने से झुर्रियों की समस्या को रोकने में आसानी हो सकती है। इस शोध को मई में स्कॉटलैंड में हुए इंटरनेशनल इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी सम्मेलन में पेश किया गया है।