क्या आप सुबह जल्दी उठकर दिन की शुरुआत करते हैं या फिर नौ बजे के पहले आपकी आंख ही नहीं खुलती है? नींद से जुड़ी ऐसी कई आदते हैं जो आपकी सेहत को प्रभावित करती हैं।
हाल में सिडनी में 200 लोगों पर एक शोध किया गया है जिसमें उनके व्यक्तित्व और सोने की आदतों पर अध्ययन किया गया और पाया गया कि हम कितनी नींद लेते हैं इसका संबंध हमारे व्यवहार और सेहत पर भी पड़ता है।
आप जल्दी उठते हैं या देर से उठते हैं, इसका आपकी सेहत और व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है, जानने के लिए हमने कई शोधों के दिलचस्प निष्कर्ष खोज निकाले हैं।
सुबह बहुत जल्दी उठना क्या वाकई है 'हेल्दी'?
ब्रिटेन के लॉहबर्ग विश्वविद्यालय स्लीप रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं का मानना है कि सुबह बहुत जल्दी उठने वाले लोगों को अवसाद का रिस्क अधिक रहता है। शोधकर्ता जिम हॉर्न के अनुसार, ''अक्सर उम्र बढ़ने के साथ-साथ लोग सुबह जल्दी उठना शुरू कर देते हैं। सुबह चार बजे उठ जाने वाले लोगों को अवसाद की समस्या हो, इसकी आशंका अधिक होती है।''
देर से उठने से बढ़ सकता है मोटापा
जिम हॉर्न ने अपने शोध के आधार पर यह भी माना कि जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं वे समय से नाश्ता करते हैं जिसकी वजह से उनका वजन संतुलित रहता है। वहीं जो लोग सुबह आठ बजे के बाद उठते हैं वे प्रतिदिन डाइट में औसतन 677 कैलोरी बढ़ाते हैं।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता प्रोफेसर रशैल फोस्टर ने अपने अध्ययन के आधार पर बताया है कि कम नींद लेने वाले व देर से सोने वाले लोगों में लेप्टिन नामक हार्मोन का स्तर कम होता है व शरीर कार्बोहाइड्रेट और शुगर की खपत 35 से 40 प्रतिशत अधिक करता है।
सुबह जल्दी उठने वाले जल्दी थकते हैं
यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे के शोध की मानें तो शरीर में पीरियड 3 नामक जीन की वजह से लोगों को थकान जल्दी होती है और वे जल्दी सोते हैं। शोधकर्ता डॉ. सिमोन आर्कर का मानना है कि जो जिन लोगों को रात में जल्दी नींद आती है उनके जीन्स के परीक्षण के आधार पर यह माना जा सकता है कि वे सुबह के समय अच्छा काम करते हैं क्योंकि उन्हें थकान जल्दी होती है।
देर से सोने वाले अधिक लेते हैं खर्राटे
यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि जो लोग देर से सोते हैं उनमें गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) अपेक्षाकृत कम होता है जिस वजह से सोते समय उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है और वे अधिक खर्राटे लेते हैं।
देर से सोने से कमजोर होती है याददाश्त
कई शोधों में यह साबित हो चुका है जो लोग देर से सोते हैं और जल्दी उठ जाते हैं उनकी याददाश्त कमजोर होती है। नींद के दौरान मस्तिष्क खुद को रीसेट करता है और अगर नींद पूरी न होने का प्रभाव दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है।