भागती-दौड़ती जिंदगी और तनाव के बीच अपने दिल की सेहत को बरकरार रखना आज किसी चुनौती से कम नहीं है। गलत खान-पान, तनाव भरी दिनचर्या, आरामतलब जिंदगी जैसे कई परिवर्तन हैं जो आज के दौर में न सिर्फ उम्रदराज बल्कि कम उम्र के लोगों को भी ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक आदि का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली के उन पहलुओं को दूर करें जिनसे आपके दिल की सेहत को कोई नुकसान हो सकता है।
बहुत अधिक नमक न लें
खाने में नमक कम लग रहा है तो ऊपर से डाल लो, अक्सर हम भोजन के दौरान खाने में ऊपर से नमक डालते हैं। कुछ लोगों को अधिक नमक और मसाले वाली चीजें ही स्वादिष्ट लगती हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि अधिक नमक के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर की आशंका अधिक रहती है।
धूम्रपान से बचें
धूम्रपान से आपकी उम्र 15 से 25 साल तक कम हो सकती है। कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि धूम्रपान करने वाले लोगों को अन्य की अपेक्षा दिल के दौरे की आशंका अधिक होती है। ऐसे में सेहतमंद दिल के लिए जरूरी है कि इस आदत से दूरी रखी जाए।
डाइट हो संतुलित
कोशिश करें कि आपकी डाइट संतुलित रहे। ताजे फल, सब्जियां, अनाज आदि आपकी डाइट में जरूर हो। इसके अलावा, जंक फूड और बहुत तैलीय भोजन से दूरी रखें।
सीमित हो एल्कोहल
बहुत अधिक एल्कोहल यानी शराब के सेवन से दिल को नुकसान पहुंचता है। यह ब्लड प्रेशर को बढ़ाता तो है ही, साथ ही वजन बढ़ाने के पीछे भी इसका बहुत बड़ा हाथ है। कोशिश करें की शराब से दूरी रहे और अगर आप कभी-कभी इसका सेवन करते हैं तो भी इसे संयमित रखने में भलाई है।
हमेशा रहें एक्टिव
अपनी आलस्य भरी दिनचर्या को छोड़ें और प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज को जरूर दें। खुद को फिट रखने के लिए व्यायाम या सैर को अपने रुटीन में शामिल करने से दिल की सेहत भी बरकरार रहेगी। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कॉलेस्ट्रॉल की जांच करवाते रहें।
तनाव की कर दें छुट्टी
ब्लड प्रेशर बढ़ने के महत्वपूर्ण कारणों में से एक तनाव भी है। बहुत अधिक तनाव न सिर्फ हमें थकान देता है बल्कि इसका प्रभाव हमारे भोजन पर भी पड़ता है और यह धूम्रपान या एल्कोहल की प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है। तनाव से बचाव के लिए योग और ध्यान एक बेहतरीन विकल्प हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं।
फैमिली बैकग्राउंड
परिवार में अगर किसी को डायबीटीज, हाई बीपी, मोटापे जैसी समस्याएं हैं तो आपके लिए भी दिल की बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में अगर अपने फैमिली बैकग्राउंड के अनुसार खुद को सतर्क रखना समझदारी है।
खुश रहें, दुरुस्त रहें
छोटी-छोटी बातों का तनाव लेने के बजाय अपने आस-पास के माहौल को हल्का बनाकर रखें और हमेशा खुश रहें।