अमरीका में बॉस्टन का एक सुपरमार्केट जल्द ही ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री शुरू करेगा जिन्हें बेचने की तारीख निकल चुकी है।
केवल अमरीका में ही क़रीब 40 फ़ीसदी खाद्य पदार्थों को उपभोग के तारीख़ को लेकर ग़लतफहमी के चलते फेंक दिया जाता है। दरअसल इनमें खाद्य पदार्थ को प्रयोग करने, बेचने और खाने की अलग-अलग तारीखें होती हैं।
नेचुरल रिसोर्स डिफ़ेंस काउंसिल की डाना गुडर्स कहती हैं इनमें से कुछ तारीखें खाद्य पदार्थ के स्वास्थ्य के लिए ठीक होने के बजाय उसके सही स्वाद के बारे में होती हैं।
इस संगठन ने एक क्लिक करें रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि आधिकांश क्लिक करें खाद्य पदार्थ जिन्हें ख़राब बता दिया गया होता है, वास्तव में खाने लायक होते हैं।
गुणवत्ता का सवाल
अमरीका व्यापारी डौग रौक अगले साल के शुरू में एक क्लिक करें सुपरमार्केट और रेस्टोरेंट खोलने जा रहे है, जो ऐसे खाद्य पदार्थ बेचेंगे जो ख़राब बता दिए गए हैं।
गुडर्स कहती हैं टॉरटिला क्लिक करें चिप्स आपको एक महीने बाद भी बीमार नहीं करेंगी, हालांकि वह बेस्वाद होना शुरू हो सकती हैं।
वह कहती हैं कि ऐसे चिप्स को आप तेल के साथ ओवन में रखें। इस तरह वे फिर कुरकुरे हो जाएंगे।
ऐसे चिप्स को जब सीलबंद डब्बे में रखते हैं, तो उन्हें नमी मुक्त बनाकर, उनका जीवन और बढ़ाया जा सकता है।
गुडर्स कहती हैं दही छह हफ्ते बाद ख़राब होना शुरू होता है।
वह कहती हैं कि बेहतर उपयोग की तारीख़ निकल जाने के महीनों बाद भी वो दही खाती हैं। लेकिन इससे उन्हें कभी कोई परेशानी नहीं हुई।
चॉकलेट बहुत समय बाद ख़राब होती हैं। गुडर्स कहती हैं कि कई बार इस पर सफ़ेद रंग की एक परत चढ़ जाती है।
जब यह हवा के संपर्क में आती है तो इसे 'ब्लूम' के नाम से जाना जाता है।ऐसा तब होता है जब कुछ क्रिस्टेलाइन वसा पिघलकर ऊपर की ओर चले जाते हैं।
वह कहती हैं कि यह कोई फफूंद नहीं है और यह खाने के लिए बेहतर है।
खराब होने के डर से लोग अंडों को बहुत जल्द ही फेंक देते हैं, जबकि उन्हें तीन से पांच हफ्ते बाद भी खाया जा सकता है।
इसके लिए उन्हें पाँच डिग्री सेंटीग्रेड से कम के तापमान पर रखना पड़ता है।
यह कहना है मिनिसोटा विश्वविद्याल में खाद्य विज्ञान के प्रोफ़ेसर टेड लाबुजा का। वो कहते हैं कि इस तापमान पर रखने से अंडे में साल्मोनेला में बढ़ोत्तरी नहीं हो पाती।
लाबुजा कहते हैं कि ख़राब होने से पहले दूध से दुर्गंध आने लगती है।
वो कहते हैं कि दूध के डिब्बे को कभी भी कमरे के तापमान पर न रखें, क्योंकि हवा में मौजूद सूक्ष्मजिवाणु उसे ख़राब कर सकते हैं।
डिब्बे को जब भी फ्रिज से बाहर निकालें उससे दूध निकाल कर तुरंत उसे फ्रिज में वापस रख दें।
दूध को लंबे समय तक उपयोग में लाने लायक रखने के लिए फ्रिज का तापमान दो डिग्री सेंटीग्रेड पर रखें।