भारतीय हेल्थकेयर सिस्टम में बदलाव को लेकर होगी चर्चा
फिक्की हेल्थ सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन डॉ. आलोक राय बताते हैं
कोविड-19 महामारी ने वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी के लिए अभूतपूर्व मुश्किलें खड़ी की हैं। इससे सरकारी नीतियों और हेल्थकेयर संरचना की कमजोरियां तो उजागर हुई ही हैं, साथ ही यह तथ्य भी रेखांकित हुआ है कि महामारी और उसके बाद के संकट से निपटने के लिए नए तरीकों और प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
फिक्की हेल्थ सर्विसेज कमेटी के को-चेयर गौतम खन्ना कहते हैं
हमलोग अल्प अवधि की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी सामूहिक क्षमता के अनुसार काम करते हैं, पर यह भी आवश्यक है कि महामारी को रोकने के साथ-साथ तैयारियों की दिशा में हम मिलकर काम करें और महामारी से आगे, भविष्य के हेल्थकेयर के लिए बदलाव की एक निश्चित योजना बनाएं।
तीन दिन के इस कांफ्रेंस का आयोजन हेल्थकेयर के सभी स्टेकधारकों को एकजुट करने और एक ऐसा मंच मुहैया करवाने के लिए किया गया है जहां ज्ञान और अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ कोविड के बाद भारतीय हेल्थकेयर सिस्टम में बदलाव लाने के मौकों पर भी चर्चा की जा सके।
बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा सम्मानित
उद्योग के सर्वश्रेष्ठ व्यवहारों को मान्यता देने की लंबी विरासत को जारी रखते हुए फिक्की अपने बहुप्रतीक्षित 13वें हेल्थकेयर एक्सीलेंस अवार्ड्स का आयोजन भी करेगी। तीन दिवसीय कांफ्रेंस के पहले दिन (20 अक्तूबर 2021) को दिन में 12:00- 01:30 बजे तक वर्चुअल प्लैटफॉर्म के माध्यम से इसे क्रियानवित किया जाएगा।
इस पुरस्कार समारोह का आयोजन उन संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है जिन्होंने हेल्थकेयर को बेहतर करने के लिए बेजोड़ योगदान दिए हैं।
स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा
कांफ्रेंस में जन स्वास्थ्य पर एक चर्चा होगी जिसका विषय होगा, “कोविड पैनडेमिक – व्हाट कुड बी इंडियाज विनिंग स्ट्रेटजी?” आयोजन के दूसरे दिन एक थॉट लीडरशिप सेशन होगा जो “हेल्थकेयर डिलीवरी– बैलेंसिंग कोविड एंड नॉन कोविड” पर फोकस करेगा। इसके अलावा कई अन्य विषयों जैसे महामारी के दौरान हेल्थकेयर सेक्टर के योगदान, हेल्थकेयर चिन्ता: कोविड के बाद की स्थितियां, अगले दशक के लिए क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा आयोजित की जाएगी।