डाॅ. दीप्ति कहती हैं कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान बच्चा गर्भ में सुरक्षित होता है और शिशु को चोट लगने का खतरा नहीं होता है। माता के गर्भ में कई लेयर होते हैं, जो बच्चे को सुरक्षित रखते हैं। हालांकि ध्यान रखना चाहिए कि शारीरिक संबंध बनाने से गर्भवती को किसी तरह का इंफेक्शन का खतरा न हो। महिला को इंटरकोर्स से कोई हानि न होने पर बच्चा सुरक्षित रहता है।
किस स्थिति में गर्भवती न बनाएं शारीरिक संबंध?
गर्भवती का कोई मेडिकल फैक्टर न होने पर शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है। लेकिन अगर किसी महिला में प्लेसेंटा प्रीविया की शिकायत है यानी महिला का प्लेसेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से में होता है, तो जानलेवा ब्लीडिंग हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में गर्भवती को बिल्कुल भी इंटरकोर्स नहीं करना चाहिए। किसी अन्य कारण से भी अगर महिला को प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग हो रही है या लीकिंग हो रही है तो भी महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ती गुप्ता से हुई बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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