अगर 5-6 महीनों से बच्चे के व्यवहार में ऐसी चीजें लगातार दिख रही हों तो सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुरुआती दौर में ओडीडी के लक्षण सिर्फ घर वालों या नजदीकी लोगों के साथ ही प्रकट हो सकते हैं। जैसे-जैसे परेशानी बढ़ती है, बच्चे के स्कूल और आस पड़ोस में व्यवहार भी बदल जाता है। जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती है, लक्षणों का असर बच्चे की अक्रामकता भी बढ़ा देती है। ओडीडी के कई कारण होते हैं। कभी-कभी यह आनुवांशिक होता है, वहीं कई बार मां-बाप की उपेक्षा भी कारण बनती है। यदि मां बच्चे को अधिक समय नहीं दे पा रही है। साथ ही उसे डांटती-मारती अधिक है तो ओडीडी की परेशानी बच्चे में उभर सकती है। ओडीडी का एक कारण आपकी पारिस्थितिकी भी हो सकती है।