किस उम्र में हृदय रोगों का खतरा होता है सबसे अधिक?
उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स, दिल्ली के डॉक्टर नित्यानंद बताते हैं, एक से दो दशक पहले तक हृदय रोगों को बढ़ती उम्र की बीमारी मानी जाती थी, हालांकि मौजूदा समय में बहुत ही कम उम्र के लोगों में हृदय रोग, हार्ट अटैक आदि का खतरा बढ़ गया है। डॉ नित्यानंद बताते है इसके लिए हमारी खराब जीवनशैली को एक महत्वपूर्ण कारक माना जा सकता है। डॉ शुभम अग्रवाल ( उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स, काशीपुर) कहते हैं, कई केस ऐसे देखने को मिले हैं जिसमें 25 साल या उससे कम उम्र के लोगों में भी हृदय रोगों के मामले देखे गए हैं। इसके लिए हमारे खान-पान को मुख्य कारण माना जा सकता है। तला-भुना, फास्ट फूड आदि का सेवन कम उम्र में ही इन गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। हृदय रोगों के खतरे से बचे रहने के लिए चिकनी चीजों और तेल की मात्रा को कम करें।
कैसे जानें कि आप हृदय रोगों के शिकार हैं?
उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स, हल्द्वानी में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ प्रमोद जोशी बताते हैं, हृदय रोगों के खतरे को जानने के लिए सबसे पहले इसके लक्षणों के बारे में जानना आवश्यक है। यदि छाती और जबड़ों में दर्द या फिर गैस की समस्या लगातार बनी हई है तो इसे हृदय रोगों का शुरुआती संकेत माना जा सकता है, इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। अक्सर लोग गैस की समस्या समझकर इसे ठीक करने वाली दवाइयां ले लेते हैं, यह नुकसानदायक हो सकता है। जिन लोगों को बताए गए लक्षणों का अनुभव होता हो उन्हें ईसीजी जांच जरूर करा लेनी चाहिए, जिससे समय रहते समस्या का निदान और इलाज हो सके।
हृदय रोगों के संभावित जोखिम कारक
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हृदय रोगों में अखरोट के फायदे
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