कसरत का कानून कहता है कि डाइट और एक्सरसाइज बॉडी टाइप के हिसाब से चलती है। मोटे तौर पर तीन तरह के लोग जिम जाते हैं। एक-जिन्हें हंक बॉडी चाहिए, दो-लीन बॉडी वाले और तीन मोटापा कम करने वाले। इन दिनों युवा सबसे ज्यादा लीन बॉडी पसंद करते हैं।
लीन बॉडी का मतलब
एब्स या एब्स की झलक, बाइसेप्स का साइज 14 या 15, कमर 30 के आसपास और काफी कुछ ऐसा जैसा आपने रा-वन फिल्म में अर्जुन रामपाल को देखा था।
कौन बना सकता है
ये सवाल जानबूझ कर इसलिए रखा है क्योंकि इसका जवाब छापना लाजमी है। लीन बॉडी उम्र की बड़ी मोहताज होती है। ये भरी जवानी की कली है जो तीस के आसपास आकर फूल में तब्दील होने लगती है। ऐसी बॉडी को एथलीट बॉडी भी कहते हैं। अगर जिम से आपकी रोजी-रोटी नहीं जुड़ी है तो तीस के आसपास इसे मेनटेन करना बहुत-बहुत कठिन हो जाता है, क्योंकि इस दौरान मेटाबॉलिज्म का रेट अपने आप कम हो जाता है।
चलो शुरू करें
इस तरह का शरीर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और खूब दर्द सहना होगा। दर्द तो आपको हंक वाली बॉडी (तगड़ा शरीर) बनाने में भी उठाना होगा मगर उसका वक्त कम होता है। आपको दूसरे शब्दों में समझाता हूं। जब हम साइज बढ़ाने की एक्सरसाइज करते हैं तो रैप की संख्या छह से आठ होती है, जो कभी-कभी सिर्फ एक तक भी रहती है, लेकिन जब हम लीन बॉडी बनाने की ओर जाते हैं तो रैप की संख्या 30 तक पहुंच जाती है और कई बार उससे भी ज्यादा।
इन बातों का ध्यान रखें
लीन बॉडी में कार्डियो सबसे मददगार चीज होती है। रनिंग, स्किपिंग, पीटी को आप एवॉइड नहीं कर सकते। आपको हर एक्सरसाइज में रैप की संख्या ज्यादा रखनी होगी। वेट उतना ही उठाएं, जिसमें आपका पोश्चर सही बना रहे। खूब पसीना बहाएं और खूब पानी पिएं। कुछ बातें बहुत ही सामान्य हैं, जैसे फैट वाले खाने से दूरी बनाएं, हरी सब्जी पर ध्यान दें, रेड मीट भी एवॉडड करें। ये लिस्ट बहुत लंबी है पर कुल मिलाकर बात ये है कि अगर पतला बने रहना है तो आप खुद जानते हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
दिक्कत
लीन बॉडी बनाना और उसे मेनटेन करना बड़ी शिद्दत का काम है। आप बहुत छुट्टियां नहीं मार सकते। एक बार बीमार पड़े तो मसल्स का दम निकल जाएगा। खाने-पीने पर हमेशा बहुत कंट्रोल रखना होगा। सीधे-सीधे तो ये समझ लीजिए कि ये समदंर के किनारे रेत से बना किला है, जिसे रोज दुरुस्त करना पड़ेगा, नहीं तो..।