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Heatwave: अप्रैल में ही लू का अलर्ट, हार्ट-किडनी के मरीज हो जाएं सावधान; अस्पतालों ने शुरू कर दीं तैयारियां

Tue, 08 Apr 2025 12:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली-एनसीआर में लू का अलर्ट जारी होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अस्पताल अभी से बीमार लोगों के इलाज की तैयारियों में जुट गए हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले साल तैयार किए गए हीट स्ट्रोक यूनिट को फिर से एक्टिव कर दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावधान किया है।
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बढ़ती गर्मी को लेकर अलर्ट - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पिछले कुछ दिनों से देशभर में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अप्रैल के पहले हफ्ते में ही दिल्ली-एनसीआर का तापमान 40 तक पहुंच गया है। मंगलवार (8 अप्रैल) को  दिल्ली का तापमान 38 डिग्री तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग पहले से ही अलर्ट कर चुका है कि इस साल की गर्मी पुराने कई रिकॉर्ड्स तोड़ सकती है।

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समय से पहले हीटवेव और गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी अलर्ट किया गया है। बढ़ती गर्मी के कारण न सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है, ये किडनी और कई अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकती है।

भीषण गर्मी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में अगले दो दिनों (मंगलवार और बुधवार) के लिए येलो अलर्ट जारी किया। इसका मतलब है कि आप सावधान रहें और गर्मी के संपर्क में आने से बचें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस दौरान सभी लोगों को हल्के-ढीले कपड़े पहनने चाहिए और बाहर जाते समय अपने सिर को ढककर रखना चाहिए। 
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बढ़ती गर्मी उन लोगों की सेहत के लिए और भी चुनौतीपूर्ण मानी जाती रही है जो पहले से कोमोरबिडिटी (एक से अधिक बीमारियों) के शिकार हैं।


इस बार गर्मी तोड़ सकती है कई रिकॉर्ड्स, डॉक्टर्स बोले अभी से हो जाइए सावधान

हीटवेव की तैयारियां शुरू - फोटो : Adobe stock photos
अस्पतालों ने शुरू कर दी तैयारी

दिल्ली-एनसीआर में लू का अलर्ट जारी होने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। अस्पताल अभी से बीमार लोगों के इलाज की तैयारियों में जुट गए हैं। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले साल तैयार किए गए हीट स्ट्रोक यूनिट को फिर से एक्टिव कर दिया गया है। वहीं, लेडी हार्डिंग में हीट स्ट्रोक यूनिट तैयार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आइस पैक का स्टॉक रखा जाएगा। हीट स्ट्रोक के शिकार मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत सामान्य हो सकें, इसके लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। 

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में पिछले साल 25 लोगों की हीट स्ट्रोक के कारण मौत हो गई थी। हालांकि, कई संगठनों के मुताबिक हीट स्ट्रोक से दम तोड़ने वाले मरीजों का आंकड़ा 193 के करीब था।

हार्ट-किडनी के मरीज रहें सावधान - फोटो : Adobe stock photos
हार्ट और किडनी के मरीजों के लिए दिक्कतें बढ़ा सकता बढ़ता तापमान

अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित एक अस्पताल में इंटेसिव केयर यूनिट के डॉक्टर रविकांत गुंजन बताते हैं, गर्म मौसम और हीटवेव किसी को भी प्रभावित कर सकता है, इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जैसे-जैसे आपका शरीर बढ़ते तापमान के कारण गर्म होता जाता है, आपकी रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं, जिससे रक्तचाप कम हो जाता है। इसके कारण आपके दिल को पूरे शरीर में रक्त का संचार करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ये मौसम हृदय के मरीजों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन महीनों में बरती गई थोड़ी भी लापरवाही आपके स्वास्थ्य के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।

गर्मी से होने वाली बीमारियों में चक्कर आना, बेहोशी, मतली और सिरदर्द आम हैं, पर कुछ जटिलताएं जानलेवा भी हो सकती हैं। ये मौसम किडनी की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 

किडनी पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हीटवेव का आपकी किडनी पर भी नकारात्मक असर हो सकता है, वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की दिक्कत है उन्हें और भी सावधान रहना चाहिए। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, किडनी इंजरी होने या किडनी में पथरी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

हीटवेव के अधिक संपर्क में रहने वालों में मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) का भी जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, विशेषकर महिलाओं में।
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गर्मी के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : amarujala.com
हीटवेव का खतरा किन्हें अधिक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोगों के हीटवेव के दुष्प्रभावों का जोखिम अधिक हो सकता है। 
  • सड़क पर काम करने वाले मजदूर रेहड़ी-पटरी वाले लोग।
  • लंबे समय तक धूप में रहने वाले या कम पानी पीने वाले लोग।
  • वृद्ध-शिशु या फिर गर्भवती में हीटवेव के लक्षणों के गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। 
अगर गर्मी के कारण सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह सूखने की दिक्कत हो, चक्कर और उल्टियां आ रही हों, कमजोरी के साथ शरीर में बहुत दर्द होऔर पसीना आना बंद हो गया है तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में पहुंचें। ये समस्याएं लू लगने का संकेत हो सकती हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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