हीटवेव की तैयारियां शुरू
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अस्पतालों ने शुरू कर दी तैयारी
दिल्ली-एनसीआर में लू का अलर्ट जारी होने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। अस्पताल अभी से बीमार लोगों के इलाज की तैयारियों में जुट गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले साल तैयार किए गए हीट स्ट्रोक यूनिट को फिर से एक्टिव कर दिया गया है। वहीं, लेडी हार्डिंग में हीट स्ट्रोक यूनिट तैयार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आइस पैक का स्टॉक रखा जाएगा। हीट स्ट्रोक के शिकार मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत सामान्य हो सकें, इसके लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में पिछले साल 25 लोगों की हीट स्ट्रोक के कारण मौत हो गई थी। हालांकि, कई संगठनों के मुताबिक हीट स्ट्रोक से दम तोड़ने वाले मरीजों का आंकड़ा 193 के करीब था।
हार्ट-किडनी के मरीज रहें सावधान
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हार्ट और किडनी के मरीजों के लिए दिक्कतें बढ़ा सकता बढ़ता तापमान
अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित एक अस्पताल में इंटेसिव केयर यूनिट के डॉक्टर रविकांत गुंजन बताते हैं, गर्म मौसम और हीटवेव किसी को भी प्रभावित कर सकता है, इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जैसे-जैसे आपका शरीर बढ़ते तापमान के कारण गर्म होता जाता है, आपकी रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं, जिससे रक्तचाप कम हो जाता है। इसके कारण आपके दिल को पूरे शरीर में रक्त का संचार करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ये मौसम हृदय के मरीजों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन महीनों में बरती गई थोड़ी भी लापरवाही आपके स्वास्थ्य के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
गर्मी से होने वाली बीमारियों में चक्कर आना, बेहोशी, मतली और सिरदर्द आम हैं, पर कुछ जटिलताएं जानलेवा भी हो सकती हैं। ये मौसम किडनी की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
किडनी पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हीटवेव का आपकी किडनी पर भी नकारात्मक असर हो सकता है, वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की दिक्कत है उन्हें और भी सावधान रहना चाहिए। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, किडनी इंजरी होने या किडनी में पथरी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
हीटवेव के अधिक संपर्क में रहने वालों में मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) का भी जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, विशेषकर महिलाओं में।
गर्मी के कारण होने वाली समस्याएं
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हीटवेव का खतरा किन्हें अधिक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोगों के हीटवेव के दुष्प्रभावों का जोखिम अधिक हो सकता है।
- सड़क पर काम करने वाले मजदूर रेहड़ी-पटरी वाले लोग।
- लंबे समय तक धूप में रहने वाले या कम पानी पीने वाले लोग।
- वृद्ध-शिशु या फिर गर्भवती में हीटवेव के लक्षणों के गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
अगर गर्मी के कारण सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह सूखने की दिक्कत हो, चक्कर और उल्टियां आ रही हों, कमजोरी के साथ शरीर में बहुत दर्द होऔर पसीना आना बंद हो गया है तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में पहुंचें। ये समस्याएं लू लगने का संकेत हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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