देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने खूब तबाही मचाई है। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि अब रोजाना संक्रमितों के मामले थोड़े कम जरूर हुए हैं लेकिन कोविड से मरने वालों की संख्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। स्वास्थ्य संबधी तमाम स्थितियों को कोरोना के कारक के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही कोमोरबिडिटी की शिकायत है, उनको संक्रमण होने का खतरा ज्यादा होता है। इस बीच कुछ विशेषज्ञों ने इस बात को लेकर भी चिंता जताई है कि कोरोना संक्रमण के कारण डायबिटीज के मामले भी बढ़ रहे हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर शुक्रवार को हुई चर्चा में डायबिटीज और कोरोना के संबंधों के बारे में जानने की कोशिश की। इस कार्यक्रम में प्रयागराज के नारायण स्वरूप अस्पताल के डॉ राजीव सिंह ने सभी सवालों के जवाब दिए।
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रोगियों में शुगर का स्तर 400-500 तक पहुंच जा रहा है
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क्या शुगर लेवल बढ़ा रहा है कोरोना का संक्रमण?
इस सवाल के जवाब में डॉ राजीव बताते हैं कि डायबिटीज से ग्रसित कोरोना के जो मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं उनमें शुगर के लेवल में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डायबिटीज के कई रोगी, जिनका सामान्य शुगर लेवल 150-160 रहता था, उनमें भी संक्रमित होने के बाद शुगर का स्तर 400-500 तक देखने को मिला है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हमें रोगियों को कोरोना के इलाज के साथ इंसुलिन देने की भी जरूरत पड़ रही है। कई ऐसे मरीज भी देखने को मिले हैं जिनको पहले से डायबिटीज की शिकायत नहीं थी लेकिन संक्रमण के चलते उनका शुगर लेवल बढ़ा हुआ पाया गया।
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भविष्य में डायबिटीज का खतरा
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क्या कोरोना से ठीक होने के बाद भविष्य में हो सकता है डायबिटीज
डॉ राजीव कहते हैं कि फिलहाल इस बात की पुष्टि करने के लिए अभी तक पर्याप्त अध्ययन और डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि दूसरी लहर के दौरान हमने पाया कि यह वायरस स्वाभाविक रूप से शुगर के लेवल को बढ़ा देता है। शुगर का स्तर बढ़ जाने के कारण रोगी में कोरोना के साथ अन्य दूसरे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि जिन रोगियों को पहले से शुगर की समस्या नहीं थी पर संक्रमण के दौरान स्तर बढ़ गया, उनमें ठीक होने के बाद शुगर के स्तर में सुधार देखा जा रहा है।
डायबिटीज रोगी रखें खान-पान पर विशेष ध्यान
- फोटो : Social media
किन बातों का ऱखना होगा ध्यान
डॉ राजीव कहते हैं कि यदि आपको शुगर की समस्या है तो इस समय आपको कोरोना और शुगर दोनों से बचने के उपायों को प्रयोग में लाना चाहिए। इसके लिए योग, खान-पान पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी जरूरी परहेज करना और समय पर दवाइयों और इंसुलिन (यदि ले रहे हों तो) का लेना बेहद आवश्यक है।
------ नोट: यह लेख प्रयागराज के नारायण स्वरूप अस्पताल के डॉ राजीव सिंह से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।