हेल्थ केयर सिस्टम पर बढ़ेगा बोझ
ऑक्सफोर्ड मेडिकल के प्रमुख प्रोफेसर और स्टडी के मुख्य शोधकर्ता गेविन स्क्रीटन ने कहा, "ये आंकड़े वैक्सीन को विकसित करने और कोरोना से आबादी की रक्षा करने के लिए वैक्सीन रणनीति पर काम करने वाले के लिए मददगार होंगे। वहीं बूस्टर टीकाकरण की मांग को भी उचित करार देंगे।' स्क्रीटन ने कहा, वैसे तो टीकाकरण करवा चुके लोगों में वायरस से गंभीर बीमारी या मृत्यु के जोखिम में वृद्धि का कोई सबूत नहीं है, लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अधिक संख्या में स्वास्थ्य देखभाल सिस्टम पर अभी भी इसका काफी बोझ पड़ सकता है।
यूके के शोधकर्ताओं ने केवल वैक्सीन के दूसरी खुराक के बाद एंटीबॉडी को निष्क्रिय करने पर अभी ध्यान दिया है लेकिन सेलुलर इम्यूनिटी के बारे में जानकारी नहीं दी है। इस बारे में भी शोधकर्ता ने कहा कि स्टोर किए गए सैंपल से इस बात का भी परीक्षण किया जाएगा।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और स्टडी के सह-लेखक मैथ्यू स्नेप ने कहा कि महत्वपूर्ण रूप से हमने अभी तक कोरोना के खिलाफ बूस्टर के तौर पर एक 'तीसरी खुराक' के प्रभाव का आकलन नहीं किया है। हो सकता है कि यह ओमिक्रॉन के खिलाफ पोटेंसी को बेहतर बनाए। ऑक्सफोर्ड के साथ एक्ट्रा जेनेवा की वैक्सीन को डेवलप करने में योगदान देने वाले टेरेसा लेंबे ने कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के असर को बेहतर तरीके से समझने में अभी कुछ और हफ्तों का समय लग सकता है। उम्मीद है कि मौजूदा टीका, गंभीर बीमारियों से और अस्पताल में भर्ती होने से बचाएगा।
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स्रोत और संदर्भ
Vaccines shown to induce lower levels of neutralising antibodies against Omicron coronavirus variant
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