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Coronavirus vaccine: रूस की वैक्सीन पर WHO को क्यों है शक, क्या अक्तूबर में नहीं चलेगा टीकाकरण अभियान?

Wed, 05 Aug 2020 03:38 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Russia vaccine update - फोटो : social media
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस की वैक्सीन को लेकर संदेह जताया है। रूस अक्तूबर महीने से कोरोना वायरस की वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन के लिए कई गाइडलाइंस बनाई गई हैं। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर से यूएन प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया था कि अगर किसी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बगैर ही उसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है तो क्या संगठन इसे खतरनाक मानेगा? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रूस के स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को कहा था कि उनका देश अक्तूबर महीने से कोविड-19 के खिलाफ बड़े स्तर पर वैक्सीन कैंपेन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा था कि वैक्सीन की कोई फीस नहीं ली जाएगी और सबसे पहले इसे डॉक्टर्स और अध्यापकों को दिया जाएगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि उत्पादन के साथ-साथ वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भी जारी रहेगा और इसे बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर ने कहा, 'जब भी ऐसी खबरें आएं या ऐसे कदम उठाए जाएं तो हमें सावधान रहना होगा। ऐसी खबरों के तथ्यों की जांच सतर्कता के साथ की जानी चाहिए।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
क्रिस्टियन लिंडमियर ने कहा, 'कई बार ऐसा होता है कि कुछ शोधकर्ता दावा करते हैं कि उन्होंने कोई खोज कर ली है जो कि वाकई बहुत अच्छी खबर होती है, लेकिन कुछ खोजने या वैक्सीन के असरदार होने के संकेत मिलने और क्लीनिकल ट्रायल के सभी चरणों से गुजरने में बहुत बड़ा फर्क होता है। हमने आधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं देखा है। अगर आधिकारिक तौर पर कुछ होता तो यूरोप के हमारे दफ्तर के सहयोगी जरूर इस पर ध्यान देते।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने कहा, 'एक सुरक्षित वैक्सीन बनाने को लेकर कई नियम बनाए गए हैं और इसे लेकर गाइडलाइंस भी हैं। इनका पालन किया जाना जरूरी है ताकि हम जान सकें कि वैक्सीन या कोई भी इलाज किस पर असरदार है और किस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में मदद कर सकती है।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
क्रिस्टियन लिंडमियर ने कहा, गाइडलाइन का पालन करने से हमें ये भी पता चलता है कि क्या किसी इलाज या वैक्सीन के साइड इफेक्ट हैं या फिर कहीं इससे फायदे के बजाय नुकसान तो ज्यादा नहीं हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी वेबसाइट पर क्लीनिकल ट्रायल से गुजर रहीं 25 वैक्सीन को सूचीबद्ध किया है जबकि 139 वैक्सीन अभी प्री-क्लीनिकल स्टेज में हैं। 
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