प्रतीकात्मक तस्वीर
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वही रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिदनेव के मुताबिक, फिलहाल वैक्सीन का तीसरा यानी अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा है और यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस वैक्सीन के प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा कि इसका पता तो तब चल पाएगा जब बड़े पैमाने पर लोगों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) विकसित हो जाएगी। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा है कि 12 अगस्त को दुनिया की इस पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का पंजीकरण कराया जाएगा।