फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus: क्या बुजुर्गों को कोरोना से बचाएगा टीबी का टीका? ICMR मुंबई में करने जा रहा है परीक्षण

Fri, 21 Aug 2020 02:57 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली (इनपुट-भाषा)
विज्ञापन
1 of 7
BCG Vaccine coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
भारत में जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक दूसरे कारगर तरीकों को अपनाया जा रहा है, जिससे इस बीमारी पर जीत हासिल की जा सके। इसमें टीबी का टीका भी शामिल है। वैसे शुरुआत से ही यह कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को और पहले से ही अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को है। ऐसे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) यह जानने के लिए मुंबई में एक अध्ययन करवाने की तैयारी में है कि क्या टीबी के टीके (बीसीजी) से बुजुर्गों में कोरोना वायरस का संक्रमण होने से रोका जा सकता है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। खास बात ये है कि आईसीएमआर इस प्रकार का अध्ययन पहले चेन्नई, अहमदाबाद, भोपाल, जोधपुर और दिल्ली में कर चुका है। 
विज्ञापन

2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Social media
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा कि सेठ जी एस मेडिकल कॉलेज, निकाय द्वारा संचालित केईएम अस्पताल और बीएमसी का जन स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से आईसीएमआर के लिए इस अध्ययन में भाग लेंगे। इसमें बीमारी की तीव्रता और रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास पर अनुसंधान किया जाएगा। 
विज्ञापन

3 of 7
मास्क लगाए एक बुजुर्ग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
बीएमसी ने बताया कि ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि बच्चों को टीबी की बीमारी से बचाने के लिए दिया जाने वाला बीसीजी का टीका, श्वास नली के अन्य संक्रमण और वायरस जनित बीमारियों से बचाव में भी कारगर है। बीएमसी के अनुसार, अध्ययन में 60 से 75 साल के ऐसे बुजुर्गों को शामिल किया जाएगा जो कभी कोरोना वायरस से ग्रस्त नहीं हुए और जिन्हें कैंसर नहीं हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर नहीं है।

4 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
मुंबई में कोविड-19 का प्रबंधन संभाल रही बीएमसी ने कहा, 'बीसीजी टीके ने बुजुर्गों को उम्मीद बंधाई है और अगर यह टीका प्रभावी सिद्ध हुआ तो इससे वयोवृद्ध लोगों की जनसंख्या में बीमारी होने और उससे मौत होने की दर कम होगी।'
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बीएमसी ने कहा, 'ट्रायल में 250 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है और जरूरत पड़ने पर यह संख्या बढ़ भी सकती है।' निकाय संस्था ने कहा कि ट्रायल में भाग लेने वाले व्यक्तियों की सहमति लेने के बाद उन पर बीसीजी टीके का परीक्षण किया जाएगा और उसके बाद उन्हें छह महीने तक निगरानी में रखा जाएगा।
विज्ञापन

6 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अमेरिका में भी टीबी के टीके से संबंधित शोध किया जा रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि टीबी के लिए इस्तेमाल होने वाली बीसीजी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ भी असर दिखा रही है। साइंस एडवांसेज नाम के जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीजी वैक्सीन कम से कम पहले 30 दिनों में फैलने वाले कोरोना संक्रमण की रफ्तार को धीमी कर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस का कहना था कि बीसीजी का टीका लगाना जिन देशों में अनिवार्य है, वहां कोरोना वायरस के प्रसार के पहले 30 दिनों में कम संक्रमण और कम मृत्यु दर देखी गई है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 134 देशों के डाटा का विश्लेषण किया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें