फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus: बार-बार हाथ धोने की आदत है तो संभल जाएं, हो सकता है इस गंभीर बीमारी का लक्षण

Sun, 16 Aug 2020 09:18 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस से बचने के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ बार-बार साबुन से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही आसपास साफ-सफाई का भी ध्यान रखने को कहा जा रहा है। काफी हद तक लोग इन बातों पर अमल भी कर रहे हैं। हालांकि दुनिया में ऐसे भी लोग हैं, जो पहले से ही इन चीजों को अपनाए हुए हैं और कुछ लोग तो आदतन बार-बार हाथ धोते रहते हैं या साफ-सफाई करते रहते हैं। असल में उनकी ये आदत एक बीमारी का लक्षण हो सकता है, जिसपर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते हैं। आइए जानते हैं क्या है ये बीमारी, इसके लक्षण और क्या-क्या हैं, यह कितना खतरनाक है और इसका इलाज क्या है? 
विज्ञापन

2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है ये बीमारी? 
  • इस बीमारी को ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive compulsive disorder) कहते हैं। यह एक मानसिक विकार है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग पहले से ही इस बीमारी से पीड़ित हैं, इस कोरोना काल में उनकी दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं। 
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या लगता है इस बीमारी से पीड़ित लोगों को? 
  • ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों को लगता है कि हाथ धोने के बावजूद उनके हाथ गंदे हैं, उन्हें हर चीज में वायरस, बैक्टीरिया या गंदगी के ही होने का अहसास होता है। ऐसे में वो बार-बार हाथ धोते रहते हैं और आसपास साफ-सफाई करते रहते हैं, लेकिन फिर भी उनका ये अहसास खत्म नहीं होता है। असल में वो हाथ अच्छी तरह धो चुके होते हैं या सफाई भी अच्छी तरह कर चुके होते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं होता। 

4 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस बीमारी से पीड़ित लोगों की आदतें यानी लक्षण क्या हैं? 
  • बार-बार हाथ धोना 
  • नहाते समय ऐसा लगना कि अभी भी शरीर में गंदगी बची ही है, ऐसे में नहाने में घंटों लगा देना 
  • साफ-सफाई में घंटों लगा देना या पूरा दिन साफ-सफाई ही करते रहना 
  • खुद पर भरोसा न होने की स्थिति में दूसरों से इस बात की पुष्टि कराना कि उसने हाथ अच्छे से धोए हैं या नहीं या साफ-सफाई अच्छे से की है या नहीं 
  • कई-कई घंटों तक वॉशरूम नहीं जाना, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे हाथ गंदे हो जाएंगे और फिर उसे घंटों तक धोना पड़ेगा 
  • बार-बार दरवाजे को चेक करते रहना कि ठीक से बंद हुआ है नहीं और लाइट स्विच की भी बार-बार जांच करना 
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस बीमारी के कारण क्या हैं? 
  • काफी रिसर्च के बाद भी इस बीमारी के सटीक कारणों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। हालांकि ऐसा माना जाता है कि दिमाग के अंदर मौजूद सिरोटोनिन नाम के रसायन के कम हो जाने की स्थिति में कोई भी काम करते हुए अधूरा सा अहसास होने लगता है। इसलिए पीड़ित व्यक्ति बार-बार उसी काम को करते रहता है। 
विज्ञापन

6 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस बीमारी से नुकसान क्या हैं? 

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के नुकसान हो सकते हैं। कई बार लोगों को लगता है कि साबुन से उनके हाथ अच्छे से साफ नहीं हो रहे हैं या शरीर की गंदगी नहीं जा रही है तो वो कपड़े धोने के साबुन या सर्फ के घोल से ही हाथ धोने या नहाने लगते हैं। इसके नुकसान इस प्रकार हैं- 
  • बार-बार हाथ धोने या नहाने से त्वचा रुखी हो सकती है और बाद में फट भी सकती है, जो शरीर के लिए काफी नुकसानदायक है। 
  • रोजमर्रा के कामों में ध्यान न देकर लोग सिर्फ साफ-सफाई में ही दिनभर लगे रहते हैं। 
  • चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, उदासी छाने लगती है, इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है इस बीमारी का इलाज? 
  • अगर ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति का समय पर इलाज न कराया जाए तो यह वक्त के साथ और भी गंभीर हो सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि सही और समय पर इलाज से ये बीमारी ठीक हो सकती है। इससे पीड़ित मरीज को दवाइयां दी जाती हैं। साथ ही उसकी काउंसलिंग भी की जाती है। इसके अलावा मरीज को बिहेवियर थेरेपी भी दी जाती है और जो काम उसे बार-बार करने की आदत है, उसे करने से उसे रोका जाता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें