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Coronavirus drug: दाद-खाज-खुजली की दवा से खत्म हो जाता है कोरोना वायरस! जानिए कैसे काम करती है ये

Mon, 10 Aug 2020 12:36 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस से परेशान दुनिया को भले ही इसकी वैक्सीन मिलने में थोड़ा समय लगे, लेकिन इसके इलाज में तरह-तरह की दवाओं का इस्तेमाल जरूर हो रहा है और खुशी की बात ये है कि कई दवाएं कोरोना वायरस के खिलाफ असर भी दिखा रही हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश की सरकार ने दाद-खाज-खुजली की दवा के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। दावा किया जा रहा है कि इस दवा से कोरोना का इलाज और बचाव दोनों ही संभव हो सकता है। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से बचाव के लिए संक्रमित मरीजों को ये दवा दिए जाने के आदेश सभी जिलों के सीएमओ को दिए हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इस दवा का नाम है आइवरमेक्टिन (Ivermectin)। इसका इस्तेमाल दाद-खाज-खुजली से होने वाले पैरासाइट इंफेक्शन का इलाज करने में किया जाता है। इसके अलावा रिवर ब्लाइंडनेस, पेट में कीड़े मारने और जुएं मारने की दवा के तौर पर भी इस दवा का इस्तेमाल होता है।   
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कैसे काम करती है ये दवा? 
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, आइवरमेक्टिन दवा कोरोना संक्रमण को रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह कोशिका से वायरस को नाभिक में पहुंचने से रोक देती है। ऐसे में वायरस संक्रमित मरीज के डीएनए से मिलकर अपनी संख्या नहीं बढ़ा पाता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
लोगों को कैसे दी जाएगी ये दवा? 
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती होते ही पहले तीन दिन तक रात का खाना खा लेने के दो घंटे बाद आइवरमेक्टिन की एक गोली खिलाई जाएगी। इसके साथ ही डाक्सीसाइक्लीन दवा भी उन्हें पांच दिनों तक रोजाना दो बार दी जाएगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्यकर्मियों को भी दी जाएगी यह दवा
  • संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों को कोरोना के संभावित संक्रमण से बचाव के लिए पहले और सातवें दिन रात का खाना खा लेने के दो घंटे बाद आइवरमेक्टिन की एक गोली खिलाई जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों को भी यह दवा दी जाएगी। उन्हें पहले, सातवें और 30वें दिन ये दवा दी जाएगी। फिर अगले महीने भी इसी क्रम को दोहराया जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ऑस्ट्रेलिया की शोधकर्ता ने किया था हैरान करने वाला दावा 
  • ऑस्ट्रेलिया के बायोमेडिसिन डिस्कवरी इंस्टिट्यूट की डॉ. कायली वागस्टाफ ने अप्रैल महीने में ही यह दावा किया था कि आइवरमेक्टिन दवा के इस्तेमाल से सिर्फ 48 घंटे में ही कोरोना वायरस को पूरी तरह खत्म कर दिया गया था। उनका कहना था कि महज 24 घंटे के अंदर ही यह दवा अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। उनकी यह शोध ऑस्ट्रेलिया की एंटीवायरल रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बांग्लादेश के विशेषज्ञ ने भी किया था ऐसा ही दावा 
  • बांग्लादेश मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. मोहम्मद तारिक आलम ने मई महीने में यह दावा किया था कि इस दवा के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। मरीजों को जब आईवरमेक्टिन के सिंगल डोज के साथ एंटीबायोटिक डॉक्सीसाइक्लिन को मिला कर तैयार किया गया एंटीडोट दिया गया तो संक्रमित मरीज ठीक हो गए। उनका दावा था कि इस दवा से चार दिन में ही कोरोना संक्रमित ठीक हो गए और उन्हें कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हुआ। 

नोट: आप बिना किसी डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें। यह आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। 
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