त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा है कि बाहर से लौटे लोग राज्य की पूंजी हैं, बोझ नहीं। वहीं राज्य सरकार ने दूसरे राज्य से लौटे लोगों का डाटा बैंक बनाने का कार्य शुरू कर दिया है और उनके कौशल का उपयोग करते हुए उन्हें राज्य के भीतर ही अवसर प्रदान किया जाएगा।
देब ने कहा कि ये जरूर हो सकता है कि त्रिपुरा में लोगों को उतनी सैलरी नहीं मिल सके जितनी की उन्हें देश के महानगरों में मिलती थी। मगर दूसरे राज्यों से लौटे लोगों को अपने प्रदेश में अवसर मुहैया कराने के लिए उनकी सरकार हर संभव कोशिश करेगी।
राज्य के सिपाहीजला जिले में क्वारंटीन केंद्रो का दौरा करने गए मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि दूसरे राज्य से लौटे लोगों को उनके स्किल के हिसाब से राज्य में ही नौकरी के अवसर प्रदान किए जाएंगे। वहीं जिन लोगों में कोई स्किल नहीं है, उन्हें स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जाएगा।
पंचायत स्तरीय क्वारंटीन केंद्रों का किया दौरा
मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सिपहीजला जिले के पंचायत स्तरीय क्वारंटीन केंद्रों का दौरा किया और वहां कार्य कर रहे कर्मियों और आशा कर्मियों से सीधा संवाद किया। साथ ही वहां रह रहे लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्य सरकार ने कोरोना के खिलाफ अभियान में ग्राम पंचायतस्तर पर क्वारंटीन केंद्र स्थापित किए हैं।
इनकी देखरेख और ग्रामीण इलाकों में होम क्वारंटीन प्रदत लोगों की निगरानी का जिम्मा ग्राम प्रधान, सचिव, पंचायत अध्यक्ष और सचिवों को दिया गया है। इस दौरान बिप्लव देब पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ सीपीएम नेता मानिक सरकार के गृह विधानसभा धनपूर में एक पंचायत क्वारंटीन केंद्र का जायजा करने भी गए।