सामान्य विज्ञान : इसके मुख्यतः तीन भाग हैं - भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, और जीव विज्ञान। सर्वाधिक समय जीव विज्ञान उसके बाद भौतिक विज्ञान और उसके बाद रसायन विज्ञान को देना है। आप जीव विज्ञान में मानव रचना एवं क्रिया विज्ञान, रोग एवं उपचार पर अत्यधिक फोकस करें, वहीं भौतिक विज्ञान में गुरुत्व के अधीन गति, प्रकाश, ऊष्मा, तरंग गति, ध्वनि, विद्युत धारा इत्यादि खंड़ों पर ध्यान देना सही रहेगा। तीनों खंडों की तैयारी के लिए लूसेंट सामान्य विज्ञान के नोट्स पर्याप्त हैं।
भारतीय राजव्यवस्था : इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूर्व वर्षों में पूछे गए हैं, राजव्यवस्था में अनुच्छेद 1 से 51 तक, राष्ट्रपति, संसद, उच्चतम न्यायालय, संविधान संशोधन, पंचायती राज्य केंद्र राज्य संबंध इत्यादि टॉपिक महत्वपूर्ण हैं।
अर्थशास्त्र : इस खंड से औसतन 10-15 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें पारंपरिक अर्थशास्त्र के साथसाथ अर्थव्यवस्था के समसामयिकी के मददों का भी अध्ययन आवश्यक है। अर्थशास्त्र में मुद्रा एवं बैंकिंग, उद्योग, गरीबी, राष्ट्रीय आय, अंतरराष्ट्रीय संगठन व संस्थाएं एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें।
जनगणना : इस खंड में औसतन 7-10 प्रश्न पिछले वर्षों में आये हैं, जिनमें भारत की जनगणना, उत्तर प्रदेश की जनगणना और विश्व जनगणना को क्रमशः महत्व दें।
पर्यावरण : वर्तमान परीक्षा प्रणाली में इस खंड का महत्व दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इस खंड के लिए तैयारी पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी परीक्षा वाणी प्रकाशन पर्याप्त है।
उत्तर प्रदेश राज्य विशेष : इस खंड में उ.प्र. की कला एवं संस्कृति, जनजातियां, खनिज संसाधन, नदियां बांध इत्यादि से जुड़े हुए प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों की तैयारी के लिए घटना चक्र प्रकाशन की उपयोगी सिद्ध होगी। नोट यूपीपीएससी में पूर्व मे आये हुए प्रश्नों का विशेष महत्व रहता है इसलिए पिछले 10 वर्षों के प्रश्नों को जरुर हल करें।
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