नई पीढ़ी महत्वाकांक्षी
यह अध्ययन देशभर की यूनिवर्सिटीज के 1,000 छात्रों और 200 उद्योग विशेषज्ञों पर आधारित है, जिनमें फाउंडर्स, CXOs, निवेशक और स्टार्टअप इकोसिस्टम विशेषज्ञ शामिल हैं। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि नई पीढ़ी न केवल महत्वाकांक्षी है, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास पर आधारित जिम्मेदार उद्यमों का निर्माण करने के लिए उत्सुक भी है।
छात्रों के सामने मुख्य चुनौतियां
करीब तीन-चौथाई छात्रों ने कहा कि वे भविष्य में अपना वेंचर शुरू करना चाहते हैं, जो बताता है कि उद्यमिता अब एक मुख्यधारा का करियर विकल्प बन चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार,
- 35% छात्रों ने कहा कि मेंटरशिप की कमी सबसे बड़ी चुनौती है।
- 24% छात्रों ने कानूनी और वित्तीय मामलों में मार्गदर्शन की कमी बताई।
- 22% छात्रों ने फंडिंग को लेकर चिंता जताई।
- वहीं 13% ने असफलता के डर और 7% ने पढ़ाई और स्टार्टअप के बीच संतुलन की कठिनाई को प्रमुख बाधा माना।
गवर्नेंस बनी स्थिरता की कुंजी
रिपोर्ट में कहा गया है कि गवर्नेंस, जिसे पहले केवल अनुपालन का बोझ माना जाता था, अब स्टार्टअप्स के लिए स्थिरता और स्केलेबिलिटी की कुंजी बन रही है। आधे से अधिक उद्योग विशेषज्ञों ने गवर्नेंस को ग्रोथ का इंजन बताया, जबकि 33% ने इसे युवा उद्यमियों में सबसे कमजोर कड़ी माना।
जिन वेंचर्स ने पारदर्शी रिपोर्टिंग, संरचित बोर्ड समीक्षा और नैतिक मानकों को अपनाया, उन्हें निवेशकों से अधिक भरोसा और समर्थन मिला। निवेशकों का विश्वास बढ़ाने वाले प्रमुख कारक पारदर्शिता, सामाजिक प्रभाव और फाउंडर की विश्वसनीयता पाए गए।
यूनिवर्सिटीज की भूमिका और छात्रों की राय
रिपोर्ट में कहा गया कि यूनिवर्सिटीज़ अगली पीढ़ी के जिम्मेदार आंत्रप्रेन्योर्स को आकार देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। लगभग 50% छात्रों ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, जबकि 89% छात्रों ने पाठ्यक्रम में नैतिकता और वित्तीय जवाबदेही से जुड़े विषयों को शामिल करने का समर्थन किया।
हालांकि, केवल 9.6% छात्रों ने मौजूदा इनक्यूबेशन प्रोग्राम्स को "अत्यधिक प्रभावी" माना। इससे यह संकेत मिलता है कि अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच और मजबूत सहयोग की जरूरत है ताकि मेंटरशिप और क्षमता से जुड़ी खाई को भरा जा सके।
बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी की लीडरशिप समिट की चेयर जोली मसीह ने कहा, "इस साल की लीडरशिप रिपोर्ट यह दर्शाती है कि युवा उद्यमियों के लिए सफलता का अर्थ अब सिर्फ तेजी से बढ़ना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बढ़ना है। अगली पीढ़ी के यूनिकॉर्न्स नवाचार के साथ-साथ ईमानदारी, गवर्नेंस और वित्तीय अनुशासन पर भी आधारित होंगे। बतौर शिक्षक हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस सोच को शुरुआती स्तर पर ही विकसित करें।"