बता दें कि शिक्षक पात्रता परीक्षा पद्धति और नियमावली में बदलाव की कवायद लंबे समय से चल रही थी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में बदलाव को लेकर रुपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नवीन प्रावधानों के तहत किए गए हैं। टीईटी (TET) की परीक्षा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बहाली से पहले उनकी अर्हता तय करने के लिए ली जाती है।
नए बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत किए जा रहे हैं और इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में सीटेट के अलावा आयोजित होने वाली अन्य राज्य स्तरीय टीईटी परीक्षाओं में एकरूपता लाने का प्रयास किया जाएगा। इसे लेकर विभिन्न राज्यों से पूर्व में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा का पूरा ब्यौरा 15 फरवरी तक मांगा था।
इस ब्यौरे में परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के पैटर्न के अलावा परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों, सफल उम्मीदवारों आदि की जानकारी निर्धारित प्रारुप के साथ ही परीक्षा को लेकर समय - समय पर राज्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों या मुद्दों के संबंध में भी जानकारी मांगी गई थी। उसके बाद यह फैसला किया गया है।