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हिमंत बिस्व सरमा बोले: झारखंड में बढ़ी मुस्लिमों की आबादी, आगामी चुनाव आदिवासियों-हिंदुओं की रक्षा के लिए अहम

Sat, 20 Jul 2024 08:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि झारखंड के कई जिलों में मुस्लिम आबादी तीस फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने इस बात जोर दिया कि चुनाव आदिवासियों और हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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झारखंड के आगामी विधानसभा चुनाव आदिवासियों और हिंदुओं की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठ के चलते राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को यह बात कही। 

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भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे सरमा
सरमा रांची के प्रभात तारा मैदान में पार्टी की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। वह झारखंड में भाजपा के चुनाव सह प्रभारी भी हैं। उन्होंने चिंता जताई कि असम और पश्चिम बंगाल के बाद झारखंड बांग्लादेशी घुसपैठियों का अगला निशाना हो सकता है। 

'झारखंड के कई जिलों में बढ़ गई मुस्लिमों की आबादी'
उन्होंने दावा किया कि झारखंड के कई जिलों में मुस्लिम आबादी तीस फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने इस बात जोर दिया कि चुनाव आदिवासियों और हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरमा ने यह भी जिक्र किया कि असम में मुस्लिम आबादी कथित तौर पर 40 फीसदी तक पहुंच गई है। जिसमें 36 फीसदी घुसपैठ के लिए जिम्मेदार हैं। 
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'आदिवासी लड़कियों से शादी कर रहे घुसपैठिए'
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह प्रवृत्ति बनी रही तो असम 2041 तक मुस्लिम बहुल राज्य बन सकता है। असम के मुख्यमंत्री आगे कहा कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी 26 फीसदी हो गई है और हर दशक में 29 फीसदी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में घुसपैठिए उनकी जमीनों पर कब्जा करने के लिए आदिवासी लड़कियों से शादी कर रहे हैं। 

सरमा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आलोचना की
सरमा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी आलोचना की और उन पर घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया। सरमा ने घुसपैठियों को आदिवासी महिलाओं से शादी करने से रोकने के लिए एक कानून का प्रस्ताव रखा।

राज्य सरकार पर लगाया भेदभाव करने का आरोप
उन्होंने भेदभाव वाली प्रथाओं का भी आरोप लगाया और दावा किया कि मुहर्रम के जुलूस के लिए अनुमति दी जाती है, जबकि राम नवमी की शोभायात्राओं को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़कागांव और जमशेदपुर सहित कई स्थानों पर उपद्रव हुआ और फलस्तीनी झंडे दिखाए गए, सरकार ने दखल नहीं दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि अगर भाजपा राज्य की सत्ता में आई तो ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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