झारखंड के पर्यटन मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि झारखंड में आने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले साढ़े चार वर्षों में दोगुनी हो गई है। यह संख्या बढ़कर अब 3.54 करोड़ हो गई है। इसमें लगभग 1.76 लाख विदेशी पर्यटक हैं। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और राजस्व में बढ़ोतरी होने से राज्य के 74.16 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की "स्वदेश दर्शन योजना" के तहत राज्य में दलमा-चांडिल-गतलसूद-बेतला, मिरचिनिया, नेतरहाट इको टूरिज्म सर्किट के विकास के लिए 52.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। देवघर में होने वाले श्रावणी मेला को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के 132 पर्यटक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य-स्तरीय और स्थानीय-स्तरीय श्रेणियों में वर्गीकृत करके विकसित किया जा रहा है, आठ पर्यटकों और सांस्कृतिक खेल उत्सवों को शामिल किया जा रहा है, उनके अनुसार राज्य त्योहारों का आयोजन किया जा रहा है।
झारखंड में आठ त्योहार मनाए जाते हैं जैसे कि इटखोरी महोत्सव, छाउ महोत्सव, बैद्यनाथ धाम महोत्सव, लुगुबुरु महोत्सव, माघी मेला, हिजला मेला, मुदमा मेला और बासुकीनाथम महोत्सव। मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए प्रयासों ने देवघर में महीने भर चलने वाले श्रावणी मेला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। उन्होंने कहा कि दुमका में मलूटी में स्थित टेराकोटा मंदिरों को संरक्षित करने का काम जारी है।