इससे पूर्व बुधवार को पुलिस और प्रशासन ने दावा किया था कि झारखंड के लोहरदगा में रामनवमी के जुलूस पर रविवार को धारदार हथियार से हमले और पथराव के लिए स्लीपर सेल जिम्मेदार हैं, जिनका शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।
झारखंड में लोहरदगा जिले के हिरही गांव में रामनवमी के जुलूस पर हुए हमले और उसके बाद फैली हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक आर. रामकुमार ने गुरुवार को बताया कि हिरही गांव में पथराव के बाद हुई आगजनी की घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बीएन सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी इस मामले में तह तक जाकर दोषियों को सामने लाने का काम करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में कुल 14 प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं और आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने रामकुमार ने जिले के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए हिंसा के संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।
विज्ञापन
इससे पूर्व बुधवार को पुलिस और प्रशासन ने दावा किया था कि झारखंड के लोहरदगा में रामनवमी के जुलूस पर रविवार को धारदार हथियार से हमले और पथराव के लिए स्लीपर सेल जिम्मेदार हैं, जिनका शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा। लोहरदगा में रामनवमी के अवसर पर रविवार को हिरही भोक्ता बगीचा में घटी सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद उत्पन्न स्थिति को सामान्य बनाने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल ने जिले के प्रबुद्ध लोगों के साथ कल बैठक की थी और बताया था कि रामनवमी के जुलूस पर धारदार हथियार से हमले और पथराव के लिए स्लीपर सेल जिम्मेदार हैं, जिनका शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।
दरअसल, रामनवमी के दिन झारखंड के लोहरदगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के हिरही भोक्ता बगीचा के पास शोभायात्रा पर इस वर्ष पुनः कथित तौर पर दूसरे संप्रदाय के लोगों ने न सिर्फ जमकर पथराव किया, बल्कि जुलूस में शामिल लोगों पर हमले भी किए, जिससे दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इनमें से एक की बाद में मौत हो गई थी।