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कोडरमा: रेलवे में नौकरी के नाम पर 20 लाख की ठगी, डेढ़ महीने की ट्रेनिंग भी कराई; ऐसे खुला राज

Sat, 07 Nov 2026 07:01 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोडरमा

सार

झारखंड के कोडरमा में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 23 वर्षीय युवक से 20 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर खड़गपुर में डेढ़ महीने की ट्रेनिंग कराई। असम और वाराणसी भेजने के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है।
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नौकरी के नाम पर 20 लाख की ठगी - फोटो : Amar Ujala AI
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विस्तार
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पीड़ित युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर खड़गपुर में डेढ़ महीने तक ट्रेनिंग कराई। इसके बाद युवक को असम और फिर वाराणसी भेजा गया। वाराणसी पहुंचने पर युवक को पता चला कि उसे दिए गए नौकरी से जुड़े दस्तावेज फर्जी हैं और रेलवे में उसकी कोई नियुक्ति नहीं हुई है। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने मरकच्चो थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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मरकच्चो थाना क्षेत्र के नावाडीह ग्राम पंचायत निवासी 23 वर्षीय परमजीत कुमार ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। पीड़ित के अनुसार, लगभग एक वर्ष पूर्व उसकी पहचान गिरिडीह जिले के घोड़थंभा थाना क्षेत्र के डुमरडीहा निवासी मो. अल्लाउद्दीन से हुई थी। बातचीत के दौरान अल्लाउद्दीन ने दावा किया कि रेलवे में उसकी अच्छी पहचान है और वह उसे नौकरी दिलवा सकता है। इसके बदले आरोपी ने 20 लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने परमजीत को भरोसा दिलाया था कि नौकरी न लगने पर पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। रुपये वापस न करने की स्थिति में आरोपी ने बरियारडीह स्थित अपने पेट्रोल पंप में साझेदार बनाने का आश्वासन भी दिया था।

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तीन किस्तों में वसूल की गई बीस लाख रुपये की रकम
पीड़ित परमजीत कुमार ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर आरोपी के एक्सिस बैंक खाते में चार लाख रुपये जमा किए। इसके बाद आरोपी के निर्देश पर नीलम कुमारी के बैंक ऑफ वडोदरा खाते में कुल 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। शेष छह लाख रुपये का भुगतान 6 मई 2025 को बरियारडीह स्थित आरोपी के पेट्रोल पंप पर नकद किया गया। इस तरह नौकरी की उम्मीद में पीड़ित ने कुल 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। पूरी रकम मिलने के बाद आरोपी मो. अल्लाउद्दीन ने परमजीत को रेलवे विभाग का एक पत्र दिया और प्रशिक्षण के लिए खड़गपुर भेज दिया।

फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कराई डेढ़ माह की ट्रेनिंग
परमजीत खड़गपुर में लगभग डेढ़ महीने तक रहा और प्रशिक्षण लेता रहा। इसके बाद आरोपियों ने उसे असम भेज दिया, जहां वह लगभग तीन महीने तक रुका। बाद में स्थानांतरण और पदस्थापना के नाम पर उसे वाराणसी भेजा गया। वाराणसी पहुंचने के बाद परमजीत को पता चला कि उसे दिए गए कागजात पूरी तरह फर्जी हैं और रेलवे में उसकी कोई नौकरी नहीं लगी है। इसके बाद पीड़ित युवक निराश होकर वापस अपने घर लौट आया।

पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
घर लौटने के बाद पीड़ित ने आरोपी मो. अल्लाउद्दीन से मुलाकात कर अपनी पूरी रकम वापस मांगी। शुरुआत में आरोपी ने कुछ दिनों का समय मांगा, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करने लगा। आरोप है कि बार-बार पैसे मांगने पर आरोपी ने रकम लौटाने से साफ इन्कार कर दिया और परमजीत को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मामले में शामिल दोनों लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामले में मरकच्चो थाना में केस दर्ज किया गया है।
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दूसरी तरफ, आरोपी मो. अल्लाउद्दीन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उसका कहना है कि यह पूरा मामला मनगढ़ंत है। आरोपी ने बताया कि बरियारडीह में उसका पेट्रोल पंप है और परमजीत कुमार अपने गांव में सीएससी केंद्र चलाने को लेकर उससे पैसों का लेन-देन करता था। उसी लेन-देन को लेकर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है। मरकच्चो थाना प्रभारी बमबम कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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