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Jharkhand: आदिवासी महिला बुधन पूर्ति की मौत मामले पर अर्जुन मुंडा का CM सोरेन को पत्र, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Sun, 19 Jul 2026 08:10 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: अर्जुन मुंडा ने अपने पत्र में कहा कि यदि उपचार के दौरान बुधन पूर्ति को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाया गया है, तो यह बेहद गंभीर चिकित्सीय लापरवाही है।
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अर्जुन मुंडा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खूंटी स्थित बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर में आदिवासी महिला बुधन पूर्ति की कथित चिकित्सीय लापरवाही से हुई मौत अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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अर्जुन मुंडा ने अपने पत्र में कहा कि यदि उपचार के दौरान बुधन पूर्ति को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाया गया है, तो यह बेहद गंभीर चिकित्सीय लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता, जवाबदेही और आदिवासी समाज के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने लिखा कि झारखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और संविधान की पांचवीं अनुसूची की भावना का प्रतीक है। ऐसे में आदिवासी महिला की उपचार के दौरान हुई मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और राज्य की जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में अक्टूबर 2025 में पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच जनजातीय बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था में संस्थागत सुधार और प्रभावी निगरानी तंत्र की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
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अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आदिवासी और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, रक्ताधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की प्रक्रियाओं के मानकों का कड़ाई से पालन तथा सरकारी और निजी अस्पतालों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

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