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झारखंड रोप-वे हादसा: बचाव अभियान में पहाड़िया जनजाति के लोगों ने भी की मदद, चश्मदीद ने बताई आंखों-देखी

Tue, 12 Apr 2022 10:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवघर

सार

पुझर ने बताया कि चीख-पुकार सुनकर त्रिकूट पहाड़ियों की तलहटी के सीसनुथार गांव के और भी पहाड़िया मौके पर पहुंचे। फिर संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया गया और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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देवघर में रोप-वे हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड के देवघर में त्रिकूट पर्वत रोप वे हादसे के बाद चलाया जा रहा बचाव अभियान भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन लोग डरे हुए है। हादसे की दर्दनाक तस्वीरें हर किसी को विचलित कर रही है। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद से रोप-वे के मेंटिनेंस और संबंधित कंपनी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इस हादसे के बाद चलाए गए बचाव अभियान में स्थानीय लोगों ने भी खूब मदद की।

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हादसे को लेकर स्थानीय लोग और गाइड दामोदर रोप वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सीधे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। वहीं, कई पर्यटक और स्थानीय लोग अब जीवन में कभी रोप-वे के प्रयोग से भी तौबा कर रहे हैं। 

झारखंड के देवघर जिले के त्रिकुट पहाड़ियों में एक रोपवे हादसे के बाद दो केबल कारों से आठ पर्यटकों को बचाने वाले पहाड़िया आदिवासियों में शामिल बाईस वर्षीय रामदेव पुझर ने हादसे और बचाव अभियान के बारे में बताया। पुझर ने बताया कि उन्होंने रविवार को शाम करीब 4 बजे जोर की आवाज सुनी थी। उस समय रोप-वे बड़ी तेजी से हिल रहा था। य़ात्री मदद के लिए चीख रहे थे। रामदेव पुझर ने बताया कि इसके बाद वे लोग उन लोगों को बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने अपने दो अन्य स्थानीय साथियों के साथ मिलकर रोप-वे की ट्रॉलियों को तोड़ा और गंभीर रूप से घायल आठ लोगों को बचाया।
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बचाव अभियान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि एक ट्रॉली जमीन पर चट्टान से टकरा गई थी, जबकि दूसरी सतह से छह फीट ऊपर लटकी हुई थी। इस दौरान बचावकर्मियों ने इन फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए केबल कारों को तोड़ कर बड़ी मुश्किल से उन लोगों को बचाया गया।

पुझर ने बताया कि चीख-पुकार सुनकर त्रिकूट पहाड़ियों की तलहटी के सीसनुथार गांव के और भी पहाड़िया मौके पर पहुंचे। फिर संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया गया और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि सभी गांवों के लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि इस हादसे में अब तक तीन लोगों के मरने की खबर सामने आई है और सभी फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। 

पुझर ने अपने बारे में बताया कि वह दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड (डीआरआईएल) में एक क्लीनर के रूप में काम करता है। वहीं, देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि बचाव अभियान के शुरुआती चरण में स्थानीय लोगों ने पूरा सहयोग किया। पहाड़िया जनजाति के महेश्वर सिंह ने कहा कि घटना के बाद से इलाके में दहशत फैल गई है और उन्होंने फिर कभी रोपवे की सवारी नहीं करने का संकल्प लिया।

राज्य पर्यटन विकास निगम ने दिया ये बयान
झारखंड के देवगढ़ जिले में रोपवे दुर्घटना को लेकर राज्य पर्यटन विकास निगम ने मंगलवार को बयान दिया है। राज्य पर्यटन विकास निगम ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। साथ ही राज्य पर्यटन विकास निगम ने मंगलवार को कहा कि रोप-वे सिस्टम को संचालित करने के लिए जिस कंपनी को काम पर रखा गया है, कमियों को लेकर उसका रिकॉर्ड ना के बराबर है। उन्होंने आगे कहा कि दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड के प्रदर्शन मूल्यांकन के बाद ही उन्हें अनुबंध दिया गया था।

झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) के महाप्रबंधक आलोक प्रसाद ने कहा कि राज्य ने कंपनी को अपना संचालन सौंपने से पहले दो साल तक त्रिकूट पहाड़ियों पर डीआरआईएल द्वारा 2007 में बनाए गए रोप-वे का रखरखाव किया था। उन्होंने कहा कि यह कंपनी भारत की एकमात्र ऐसी कंपनी थी, जिसका दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड ना के बराबर था। डीआरआईएल भारत के लगभग 40 स्थानों पर रोपवे संचालित करता है।



गृह मंत्रालय ने भी दिए निर्देश
देवघर में हुए रोपवे हादसे के बाद केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों से उनके यहां चलने वाली रोपवे परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश मंगलवार को जारी किया है। इसके अलावा ऐसी घटनाओं की स्थिति से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार करने को कहा है।

गृहसचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र में लिखा, सभी रोपवे प्रोजेक्ट के लिए एक रखरखाव मैन्युअल तैयार की जाए। सुरक्षा मानकों का खास ध्यान रखा जाए और ये बेहतर उद्योग प्रथाओं के अनुरूप होने चाहिए। रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को रखरखाव कार्यक्रम के तौर पर की गई गतिविधियों का पूरा रिकार्ड रखना होगा। गृहसचिव ने राज्य सरकारों को योग्य और अनुभवी फर्म या संगठन से प्रत्येक रोपवे परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराना होगा। इस ऑडिट में सामने आने वाले सभी समस्याओं का रोपवे चलाने वाली कंपनियों को निवारण सुनिश्चित करना होगा। 
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मुआवजे का एलान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य सरकार त्रिकूट रोपवे हादसा तथा लोहरदगा घटना के मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख की सहायता राशि देगी। घायल हुए लोगों को सरकारी खर्चे पर बेहतर इलाज कराया जायेगा। मैंने त्रिकूट रोपवे हादसे की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने हेतु निर्देश दे दिया है।

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