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झारखंड: यूपी में लापता हुई महिला 12 साल बाद नेपाल में मिली, कल वापस अपने गांव पहुंचेगी, जानिए क्या है मामला

Sat, 04 Sep 2021 08:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

32 साल की ऐतबरिया अपने पिता के साथ एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए उत्तर प्रदेश गई थी। वहां से वह लापता हो गई। यह घटना लगभग 12 साल पहले की है। यूपी के गोरखपुर पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड की एक महिला 12 साल बाद नेपाल में मिली है। बताया जा रहा है कि महिला उत्तर प्रदेश से लापता हुई थी और अब उसे घर वापस लाने की तैयारी की जा रही है। आधिकारिक बयान में शनिवार को इस बारे में जानकारी दी गई। महिला को दोबारा देख पाने की सारी उम्मीदें खो चुके परिवार के सदस्य अब बेसब्री से उसकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। महिला शुक्रवार को नेपाल से नई दिल्ली पहुंच चुकी है। नेपाल के किसी व्यक्ति ने महिला के बारे में ट्वीट किया था कि वह काठमांडू के एक आश्रम में रही है। इसके बाद झारखंड प्रशासन ने उसकी वापसी के प्रयास शुरू किए। महिला को रविवार को दिल्ली से रांची लाया जाएगा।

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पिता के साथ यूपी गई थी
राज्य सरकार ने अपने बयान में बताया कि 32 साल की ऐतबरिया अपने पिता के साथ एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए उत्तर प्रदेश गई थी। वहां से वह लापता हो गई। यह घटना लगभग 12 साल पहले हुई थी। यूपी के गोरखपुर पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया था। पुलिस और परिवार ने ऐतबरिया को ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

पहले हरियाणा और फिर नेपाल पहुंची
ऐतबरिया लोहरदगा के भंडारा थाना क्षेत्र के मसमोना गांव की रहने वाली है। जानकारी के अनुसार, उसे यूपी से हरियाणा ले जाया गया और बाद में नेपाल भेज दिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार हर एक बच्चे को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इस खतरे से काफी कुछ सहा है, लेकिन अब और नहीं। यदि मामला तस्करी से संबंधित है, तो मैं तस्करों को हमारे राज्य से दूर रहने की चेतावनी देता हूं, वरना उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
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बयान में कहा गया है कि नेपाल में किसी के एक ट्वीट के माध्यम से नेपाल के एक आश्रम में उनके रहने की जानकारी सामने आने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाए। मंत्री चंपाई सोरेन उस ट्वीट को झारखंड राज्य प्रवासन नियंत्रण कक्ष और मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए, जिन्होंने इस मुद्दे पर प्राथमिकता के साथ काम करने का सख्त आदेश जारी किया।
 
राज्य सरकार ने नेपाल और भारत के दूतावासों के साथ बातचीत की
राज्य सरकार ने उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नेपाल और भारत के दूतावासों के साथ बातचीत की। बयान में कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी मां और बड़ी बहन से उस महिला की पहचान कराई गई। तब पता चला कि महिला बिरसा उरांव की बेटी है। बिरसा अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐतबरिया की बड़ी बहन ने बताया कि हम उसकी वापसी की सारी उम्मीदें खो चुके थे। वह यूपी में खो गई थी। तब से हम उससे संपर्क नहीं कर सके। पूर्व में भी हमने मदद मांगी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कुछ दिन पहले सरकारी अधिकारियों ने मेरी मां से संपर्क किया और उन्हें मेरी बहन के बारे में बताया। सीएम सोरेन का धन्यवाद।

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