अनुसूचित जनजाति(एसटी) का दर्जा और कुर्माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर कई कुर्मी संगठनों ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, 20 सितंबर से झारखण्ड,पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के नौ रेलवे स्टेशनों को अनिश्चितकाल तक ठप कर देंगे। ध्यातव्य है कि इन तीन राज्यों में, समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में सूचीबद्ध किया गया है।
टीकेवीएम के अध्यक्ष बोले, इन स्टेशनों को करेंगे ठप
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 20 सितम्बर को रांची के नजदीकी मुरी, गोमो, नीमडीह, घाघरा स्टेशनों, पश्चिम बंगाल के खेमासुली, कुस्तौर, उड़ीसा के हरिचंदंपुर, जराइकेला और धनपुर स्टेशनों पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु करेंगे। दो साल में अपनी मांगों को लेकर कुर्मियों का यह दूसरा बड़ा आंदोलन है।
झारखण्ड में कुर्मियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले टोटेमिका कुर्मी विकास मोर्चा(टीकेवीएम) के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने सोमवार को कहा, आंदोलन पश्चिम बंगाल के आदिवासी कुर्मी समाज और उड़ीसा के कुर्मी सेना सहित कई संगठनों द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
वहीं, आदिवासी कुर्मी समाज (एकेएस) के केंद्रीय प्रवक्ता हरमोहन महतो ने दावा किया कि ब्रिटिश काल के दौरान 1913 में कुर्मियों को आदिवासी जनजातियों में सूचीबद्ध किया गया था। उन्होंने कहा, केंद्र ने छह सितंबर 1950 को एसटी सूची अधिसूचित किया। उस दौरानत कुर्मियों को पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा में अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) की सूची में डाल दिया गया।