झारखंड स्थित बोकारो स्टील प्लाट में सुबह भीषण आग लग गई। आग से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। इसकी चपेट में आए 23 कर्मचारियों की हालत गंभीर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बोकारो स्टील प्लांट में सुबह लगी भीषण आग से पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि गैस पाइपलाइन के रख-रखाव का काम चल रहा है। पाइपलाइन में कंपेसाटर को बदला जा रहा था। इस पाइपलाइन से हॉट स्ट्रिप मिल की री-हीटिंग भट्टी में गैस आपूर्ति दी जाती है। इस पाइपलाइन में बचे हुए नेफ्था, सल्फर, टार आदि थे, जो कि ज्वलनशील पदार्थ हैं, जिने कारण आग लगी। आग का धुआं पूरी पाइपलाइन में फैला। उन्होंने कहा कि उस समय पाइपलाइन बंद थी, उसमें कोई गैस नहीं थी।
घटना का पता चलते बचाव दल को पहुंचाया गया। ही आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन हॉट स्ट्रिप मिल के री-हीटिंग फर्नेस क्षेत्र में काम करने वाले कुछ संविदा कर्मचारी धुएं की चपेट में आ गए। इस घटना को जान की हानि नहीं हुई है।
23 लोगों का बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा इलाज
बोकारो स्टील प्लांट में लगी आग के धुएं के कारण वहां काम कर रहे 23 कर्मचारियों की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों की माने तो इन कर्मचारियों को बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं बोकारो के कार्यकारी निदेशक बीके तिवारी, कार्मिक एवं प्रशासन निदेशक राजन प्रसाद और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल में जाकर घायल कर्मचारियों की स्थिति जानी।
गैस रिसाव से नहीं लगी आग
सेल अधिकारियों की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि गैस विश्लेषक का उपयोग करके जांच की गई थी। गैस रिसाव जैसी कोई समस्या नहीं थी। हालांकि आग लगने की वजह ढूंढी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए हर सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में समझाया जाता है।