गौरतलब है कि कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद किसी की मौत हो जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते शुक्रवार (19 मार्च) को सिमडेगा जिले में टीका लगाए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर एक 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान जेठू कोटवार के रूप में की गई। जानकारी के अनुसार कोटवार टीका लगवाने के बाद ही बेहोश हो गए थे। ऐसे में रांची अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
वहीं, जामताड़ा जिले में 15 मार्च को एक 72 साल के वृद्ध शिवचरण मंडल की मौत भी कोविशील्ड टीका लगवाने के बाद हो गई। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने टीकाकरण के कुछ घंटों बाद सीने में दर्द की शिकायत की थी। मंडल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत किन कारणों से हुई इस बात को उनकी विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद साझा किया जाएगा।
उनके बेटे द्वारका मंडल के बयान के आधार पर करमाटांड़ पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। द्वारका ने कहा, ‘पिता को सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिवार ने एक स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया। उस समय डॉक्टर ने कहा था कि सीने में दर्द गैस्ट्रिक समस्या के कारण हो सकता है। इसके बाद उन्होंने पिता को एक इंजेक्शन दिया, लेकिन 10 मिनट के बाद मेरे पिता ने फिर से सीने में दर्द की शिकायत की। ऐसे में हम उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।