झारखंड सरकार को तीन महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा से दोबारा पारित करने होंगे। इनमें भीड़ हिंसा निवारण विधेयक, जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक तथा झारखंड वित्त विधेयक शामिल हैं।
झारखंड सरकार को तीन महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा से दोबारा पारित करने होंगे। इनमें भीड़ हिंसा निवारण विधेयक, जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक तथा झारखंड वित्त विधेयक शामिल हैं। दरअसल, राज्यपाल ने भारतीय मुद्रांक शुल्क अधिनियम, 1948 में संशोधन के लिए झारखंड वित्त विधेयक, 2021 में कुछ आपत्तियां दर्ज करते हुए वापस लौटा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने दोबारा विधेयक को बिना विधानसभा से पारित कराए त्रुटियों में सुधार व संशोधनों के साथ विधेयक राजभवन को भेज दिया था। लेकिन राज्यपाल ने इस पर एक बार फिर से आपत्ति दर्ज करवाई थी।
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राज्यपाल ने संशोधन के साथ एक बार फिर से भेजने के लिए कहा था
दोबारा विधानसभा से संशोधन के साथ पारित कराते हुए राजभवन को भेजने को कहा है। इससे अब यह साफ हो गया है कि झारखंड वित्त विधेयक के अलावा अन्य दो विधेयक भीड़ हिंसा निवारण विधेयक तथा जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक भी झारखंड सरकार को विधानसभा से दोबारा पारित कराने होंगे।