प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड की आईएएस अधिकारी छवि रंजन को एक नया सम्मन जारी किया है और उन्हें 24 अप्रैल को कथित अवैध भूमि बिक्री से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह जांच एजेंसी ने छवि रंजन को पेशी को लेकर मोहलत देने से इन्कार कर दिया था। उन्हें 21 अप्रैल को पूछताछ के लिए ईडी के रांची एयरपोर्ट रोड स्थित जोनल कार्यालय में बुलाया गया था। जब वे ईडी के दफ्तर में नहीं पहुंचे तो ईडी ने तत्काल उन्हें दूसरा समन भेज दिया और शाम चार बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा। ईडी के दूसरे समन पर छवि रंजन ने तत्काल अपने वकील को ईडी कार्यालय भेजा। आवेदन दिया कि वे रांची से बाहर हैं, इसलिए शुक्रवार की शाम तक पहुंचना संभव नहीं है। उनके वकील ने कहा कि शनिवार को ईद की छुट्टी व उसके अगले दिन रविवार को भी अवकाश है। ऐसी स्थिति में अगले हफ्ते किसी भी दिन, जब ईडी तिथि निर्धारित कर देगी, वे उपस्थित हो जाएंगे।
क्या है मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित अवैध भूमि बिक्री से संबद्ध धन शोधन की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में झारखंड के आईएएस अधिकारी छवि रंजन को इस सप्ताह के अंत में पूछताछ के लिए तलब किया गया था। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2011 बैच के अधिकारी को 21 अप्रैल को राज्य की राजधानी रांची में एजेंसी के कार्यालय में बयान देने के लिए कहा गया था। एजेंसी ने पिछले सप्ताह उनसे संक्षिप्त पूछताछ की थी, जब इस मामले में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में उनके तथा अन्य के परिसरों में छापेमारी की गई थी। मालूम हो कि गत 13 अप्रैल को आईएएस छवि रंजन के रांची स्थित दो व जमशेदपुर स्थित एक ठिकाने सहित कुल 22 ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा था। इस दौरान ईडी को बड़गाईं अंचल कार्यालय के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के आवास से सरकारी फाइलें व सैकड़ों जमीन के डीड मिले थे।