झारखंड में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है। खास बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। इसके अलावा जेएमएम से मिथिलेश कुमार ठाकुर, हफीजुल हसन, बेबी देवी, दीपक बिरुआ और कांग्रेस से कांग्रेस से रामेश्वर ओरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख ने मंत्री पद की शपथ ली।
इससे पहले चंपई सोरेन ने दो फरवरी को आधिकारिक तौर पर राज्य के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। दो मंत्रियों आलमगीर आलम (कांग्रेस) और सत्यानंद भोक्ता (राष्ट्रीय जनता दल) ने भी शपथ ली थी। संवैधानिक प्रावधानों के तहत, झारखंड में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। पिछली हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में एक सीट खाली थी।
विभागों का बंटवारा भी किया गया
सीएम चंपई सोरेन ने अपने पास कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग, गृह विभाग, कैबिनेट सचिवालय और सतर्कता विभाग रखा है। इसके अलावा रामेश्वर उरांव को वित्त विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग मिला। बन्ना गुप्ता को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग मिला है। बसंत सोरेन को पथ निर्माण, भवन निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग दिया गया है।
न्यायिक हिरासत में हैं हेमंत
बतादें कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में यह फैसला सुनाया था। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष ईडी की हिरासत में थे।
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया था कि हेमंत सोरेन को आज विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया और उन्हें 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हम उनके लिए जमानत याचिका दायर करेंगे।
सोरेन को अदालत से रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार ले जाया गया। उन्हें 31 जनवरी को ईडी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2 फरवरी को कोर्ट ने सोरेन को पांच दिनों की ईडी हिरासत में भेजा था। इसके बाद से हिरासत की अवधि को कुल मिलाकर सात दिनों के लिए दो बार बढ़ाया गया।