पशु प्रेमियों के लिए झारखंड से एक दुखद खबक सामने आई है। दरअसल, राज्य के ‘पलामू टाइगर रिजर्व’ में तीन वर्ष का एक हाथी मृत पाया गया है। हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय भेज दिया गया है।
मौत की पुष्टि बुधवार को हुई
‘पलामू टाइगर रिजर्व’ के उपनिदेशक कुमार आशीष ने बताया कि लगभग तीन वर्ष के एक हाथी की मौत की जानकारी मिली थी, जिसकी पुष्टि करने के लिए ‘ट्रेकर’ (वन्यजीवों पर नजर रखने वाले) सुरेश सिंह को गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र के भजना जंगल भेजा गया था। उन्होंने हाथी की मौत की पुष्टि बुधवार (21 जुलाई) को की।
झुण्ड से अलग हो गया था हाथी
उन्होंने बताया कि मृत हाथी रिजर्व क्षेत्र का था, जो अपने झुण्ड से अलग हो गया था। इस हाथी के दो-दो इंच के दांत थे, जिसे निकाल कर सुरक्षित रख लिया गया है। हाथी के पेट में चोट के निशान भी थे। इस हाथी को दो दिन पहले लातेहार जिलान्तर्गत कुटकू जलाशय के पास हाथियों के एक झुण्ड में देखा गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उपनिदेशक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, उसके मिलने बाद ही हाथी की मौत के उचित कारण का पता चल पाएगा।
करंट लगने से एक जंगली हाथी की मौत
बताते चलें कि अभी बीते माह 23 जून को खबर आई थी कि छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करंट लगने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई थी। धरमजयगढ़ वन मंडल के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) बीएस सरोते के अनुसार छाल क्षेत्र के बनहर गांव के एक खेत में एक हाथी के मृत पड़े होने की जानकारी मिली थी। जानकारी के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और मृत हाथी को लाया गया। सरोते ने बताया कि हाथी की मौत बोर के लिए खींचे गए बिजली के तार की चपेट में आने से हुई। इस संबंध में किसान मेहतर सिंह से पूछताछ भी की गई।