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केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे बोले: झारखंड-बिहार में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध रेत खनन, प्रकृति के लिए खतरा

Sat, 18 Nov 2023 06:28 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Ashwini Kumar Choubey: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कई निर्देशों के बावजूद दोनों राज्यों (झारखंड और बिहार) में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है।
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अश्विनी कुमार चौबे - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शनिवार को कहा कि झारखंड और बिहार में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन हो रहा है। दुमका जिले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि दोनों राज्यों में अवैध रेत खनन प्रकृति के लिए भी खतरा है। 

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अश्विनी चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कई निर्देशों के बावजूद दोनों राज्यों (झारखंड और बिहार) में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। केंद्रीय मंत्री 15 नवंबर को खूंटी जिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'भारत संकल्प यात्रा' के तहत झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों राज्यों में हत्या, दुष्कर्म और अन्य अपराधों की बढ़ती घटनाओं के पीछे अवैध खनन एक प्रमुख कारण है। अवैध खनन भी प्रकृति के लिए बड़ा खतरा है। 

दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर अश्विनी चौबे ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए पंजाब की आप सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, पराली जलाना और वाहनों से होने वाला प्रदूषण दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का प्रमुख कारण है। पराली ज्यादातर पंजाब में जलाई जाती है।
 

अश्विनी चौबे ने कहा कि केजरीवाल ने दावा किया था कि अगर पंजाब में आप की सरकार बनती है तो वहां पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी। लेकिन हुआ इसके ठीक उलट। वर्तमान में, पंजाब में अधिक पराली जलाई जा रही है। हमारी रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले पंजाब में 1,973 स्थानों पर पराली जलाई गई थी, जबकि हरियाणा में केवल 36 स्थानों पर पराली जलाई गई थी, जहां भाजपा की सरकार है।
 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के तहत केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने शहरों में 1,000 'नगर वन' विकसित करने का फैसला किया है। 
 
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मंत्रालय को झारखंड से नगर वन के लिए 33 प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा, 'मंत्रालय झारखंड के छह शहरों रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह के लिए परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दे चुका है और 538.51 लाख रुपये जारी कर चुका है. शेष परियोजनाओं में देवघर, गोड्डा और दुमका शामिल हैं।
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