चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के अनुसार सीबीआई अभी तक हत्या के मकसद का भी पता नहीं लगा पाई है। यही नहीं, हत्या की साजिश से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति का भी अभी तक एजेंसी नाम उजागर नहीं कर पाई है।
झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को धनबाद के जिला जज उत्तम आनंद हत्या मामले में एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की खिंचाई की। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी अब तक कई रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है मगर अभी तक जज की हत्या के कारणों का खुलासा नहीं कर पाई है।
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चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के अनुसार सीबीआई अभी तक हत्या के मकसद का भी पता नहीं लगा पाई है। यही नहीं, हत्या की साजिश से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति का भी अभी तक एजेंसी नाम उजागर नहीं कर पाई है। हाईकोर्ट ने अक्तूबर में दायर चार्जशीट पर भी एजेंसी को लताड़ लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि एजेंसी बाबू की तरह काम कर ही है और उसकी ओर से दायर आरोपत्र पर भी सवाल खड़े किए थे।
सीबीआई ने इससे पहले कोर्ट से कहा था कि उसकी जांच पूरी गति पर है और जल्दी ही वह दो आरोपियों और अन्य के जरिये हत्या के पूरे मामले को सुलझा लेगी। गौरतलब है कि इस साल 28 जुलाई की सुबह उत्तम आनंद रणधीर वर्मा चौक पर सुबह सैर पर निकले थे, उसी समय पीछे से एक ऑटोरिक्शा ने उन्हें धक्का मार दिया। धनबाद पुलिस ने बाद में ऑटोरिक्शा को जब्त कर लिया और चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया था।