कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की न्यायिक हिरासत चार अप्रैल तक बढ़ गई है। न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन गुरुवार को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश हुए। अधिकारियों ने बताया कि हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए।
इससे पहले, 15 फरवरी को पीएमएलए कोर्ट ने सोरेन को 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में उनकी न्यायिक हिरासत 21 मार्च तक बढ़ा दी थी। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोरेन का गिरफ्तार कर लिया था। तब से सोरेन रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं।
ईडी ने सोरेन को 31 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कथित भूमि घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इससे पहले उन्होंने ईडी की हिरासत में झारखंड के राज्यपाल को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। ईडी ने इससे पहले हेमंत सोरेन के ठिकानों पर छापा मारा था और दावा किया था कि उसने झामुमो प्रमुख के कब्जे से 36 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। साथ ही कथित तौर पर धोखाधड़ी से हासिल की गई भूमि से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि पूर्व सीएम ने कथित तौर पर 8.5 एकड़ जमीन आपराधिक आय से हासिल की थी।