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Jharkhand: पशु चिकित्सा के लिए घर-घर जाएगी डॉक्टरों की टीम, बस करनी होगी मोबाइल पर कॉल

Sat, 24 Sep 2022 10:34 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं, परीक्षण सुविधाओं, पशु चिकित्सकों और पैरा श्रमिकों से सुसज्जित अति-आधुनिक एम्बुलेंस होंगी।
 
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झारखंड में पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार जल्द ही पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों को पशुपालकों के घर भेजने जा रही है। यानी डॉक्टर की टीम घर-घर जाकर पशुओं की जांच के साथ-साथ दवाइयां भी उपलब्ध कराएगी। 
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मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां (एमवीयू) प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं, परीक्षण सुविधाओं, पशु चिकित्सकों और पैरा श्रमिकों से सुसज्जित अति-आधुनिक एम्बुलेंस होंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा कि विशेष रूप से अनुकूलित वाहनों में बीमार जानवरों को एमवीयू में लोड करने के लिए हाइड्रोलिक सुविधा होगी ताकि आपात स्थिति में उन्हें नजदीकी पशु चिकित्सालय या क्लिनिक ले जाया जा सके।

राज्य के पशुपालन विभाग के सचिव अबू बक्र सिद्दीकी ने कहा कि सरकार इस साल के अंत तक इस सेवा को शुरू करने जा रही है। रांची में वाहनों की खरीद और कॉल सेंटर स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पशुपालकों को यह सुविधा निशुल्क मिलेगी। राज्य सरकार इस योजना के परिचालन में आने वाले खर्च काे उठाएगी, जबकि केंद्र सरकार सेवा की बुनियादी ढांचा लागत वहन करेगी। राज्य के सभी 24 जिलों में कुल 261 ब्लॉकों में से 236 ब्लॉक में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 
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अधिकारी ने कहा कि रांची में एक कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा और एक टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा। पशुपालकों को मोबाइल एम्बुलेंस की सुविधा के लिए कॉल सेंटर के नंबर पर कॉल करनी होगी। उसके बाद किसान का विवरण संबंधित ब्लॉक के पशु चिकित्सक को उपलब्ध कराया जाएगा। डॉक्टर बीमार जानवर के स्वास्थ्य की जानकारी उसके मालिक से लेगा। मामले की गंभीरता के आधार पर वह फोन पर दवा लिखेंगे या पशु के इलाज के लिए किसान के घर जाएंगे। राज्य के पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि पशु की हालत गंभीर पाई जाती है, तो उसी मोबाइल एम्बुलेंस के माध्यम से पशु को पशु चिकित्सालय रेफर किया जा सकता है।

मोबाइल एम्बुलेंस कृत्रिम गर्भाधान और प्रारंभिक पशु चिकित्सा निदान में भी भाग लेंगी। साथ ही पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान मोबाइल एम्बुलेंस का उपयोग किया जा सकेगा। रांची के चान्हो प्रखंड के पशुपालक मंटू महतो ने कहा, सेवा शुरू होने के बाद हमें सिर्फ एक कॉल में पशु स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा मिल जाएगी. अब हमें अपने पशुओं के इलाज के लिए पशु स्वास्थ्य क्लीनिक या पशु चिकित्सकों के पास भागना पड़ रहा है। अगर हम अपने दरवाजे पर सेवा प्राप्त करते हैं, तो इससे हमारे पैसे और समय की भी बचत होगी।
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