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झारखंड: राज्य में बिजली कटौती की समस्या होगी खत्म, डीवीसी शनिवार से करेगी सामान्य आपूर्ति बहाल

Sat, 29 Jan 2022 02:11 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, रांची

सार

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि दामोदर घाटी निगम ने झारखंड को प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बहाल करने पर सहमति जताई है और यह प्रकिया शनिवार से शुरू हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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झारखंड के कुछ हिस्सों में बार-बार बिजली कटौती से नाराज लोगों की परेशानी अब खत्म होने वाली है। क्योंकि दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) शनिवार से सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल करेगा। इससे पहले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बिजली सप्लाई करने वाली दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) को कोयला और पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

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शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि दामोदर घाटी निगम ने झारखंड को प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बहाल करने पर सहमति जताई है और यह प्रकिया शनिवार से शुरू हो जाएगी। डीवीसी के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री महतो के साथ वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव भी शामिल थे।

मंत्री महतो ने कहा कि झारखंड में हो रही बिजली कटौती के मुद्दे पर डीवीसी के अध्यक्ष और उसके बोर्ड के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इस बैठक में राज्य के वित्त मंत्री भी मौजूद थे। बैठक में डीवीसी ने आश्वासन दिया है कि शनिवार से 600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति फिर से शुरू की जाएगी।
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बैठक में मंत्री ने डीवीसी प्रमुख पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कोल इंडिया पर राज्य सरकार का 60,000 करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हमें इसके खनन कार्यों को बंद कर देना चाहिए। 

डीवीसी ने सरकार के सामने बकाया राशि की बात रखी। इस पर राज्य के मंत्री महतो ने कहा कि सरकार डीवीसी के साथ विवादों को निपटाने की कोशिश करेगी। डीवीसी ने 2,100 करोड़ रुपये बकाया राशि की बात कही थी।

वहीं भाजपा के धनबाद सदर विधायक राज सिन्हा ने भी कथित मनमाना बिजली व्यवधान पर आपत्ति जताई थी और विरोध में गुरुवार को 72 घंटे का धरना शुरू किया था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में आरोप लगाया था कि केंद्र झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है, कोल इंडिया ने राज्य को धन का भुगतान नहीं किया है। जबकि पैसा दामोदर घाटी निगम के लिए आरबीआई खाते से ऑटो-डेबिट हो जाता है। 

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