असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा फिलहाल झारखंड में हैं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए सोमवार को कड़े कानून की वकालत की। इसके अलावा, उन्होंने चंपई सोरेन और जातिगत जनगणना मुद्दे पर भी बात की।
छह महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए कानून प्रक्रिया
सीएम सरमा ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए सख्त कानून की पैरवी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस तरह के कानून के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में पूछताछ, आरोप-पत्र, परीक्षण और दोषसिद्धि सहित सभी कानूनी प्रक्रियाओं को छह महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री की इस बात का स्वागत करता हूं कि सख्त कानून की जरूरत है। मेरा एकमात्र अवलोकन यह है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में पूछताछ, आरोप-पत्र, परीक्षण और दोषसिद्धि जैसी सभी प्रक्रियाओं के लिए छह महीने की समय सीमा तय की जानी चाहिए। तभी हम ऐसे अपराधों को कम कर पाएंगे।'
बता दें, सरमा की यह टिप्पणी कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर आई है।
पीएम ने कहा कि वह खुद सुझाव देंगे: सीएम सरमा
सरमा ने रांची में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ के आवास पर पत्रकारों से कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद रविवार को महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए सख्त कानून की वकालत की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब कानून बनाया जा रहा है तो वह केंद्र को सुझाव देंगे।'
चंपई सोरेन बड़े नेता...: भाजपा नेता
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से सोरेन को भाजपा में देखना चाहता हूं क्योंकि इससे राज्य में पार्टी को मजबूती मिलेगी। मगर वह इतने बड़े नेता हैं कि मैंने कभी उनसे इस संबंध में बात नहीं की। मैं राजनीति के बारे में उनसे कभी बात नहीं करता, मगर अब समय आ गया है।'
सोरेन सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं, इस पर सरमा ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में उनके साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम तो हेमंत सोरेन से भी बात करने के लिए तैयार हैं। हम उनके खिलाफ भी नहीं हैं, बस घुसपैठिए से झारखंड को बचाना है।
जाति जनगणना पर क्या बोले सीएम सरमा
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'भाजपा ने बिहार में जाति जनगणना कराई। कांग्रेस ने कर्नाटक में जाति जनगणना कराई, आपको भी उसका आंकड़ा जारी करना चाहिए। दोहरे मापदंड न अपनाएं। कल जनता दल ने यही कहा कि जब जाति जनगणना के लिए बैठक होती थी तो कांग्रेस नहीं आती। भाजपा ने बिहार में जाति जनगणना का समर्थन किया। जातिगत जनगणना का विरोध भाजपा के लिए कोई मुद्दा नहीं है। एससी, एसटी और ओबीसी को जहां भी न्याय मिलता है, हम वहां खड़े होते हैं।'