क्या आपने कभी सुना है कि ट्रेन केवल एक यात्री को लेकर सफर कर रही है, अगर नहीं तो इसे सच मान लीजिए क्योंकि ऐसा वास्तव में हुआ है। दिल्ली-रांची राजधानी ट्रेन सिर्फ एक यात्री को लेकर डाल्टनगंज से रांची के लिए रवाना हुई।
दरअसल, डाल्टनगंज में आंदोलन के कारण ट्रेन को रोकना पड़ा था, जिसके बाद ट्रेन में सवार 930 यात्रियों को बस के माध्यम से रांची तक भेजा गया। लेकिन ट्रेन में बैठी युवती ने बस से जाने से इनकार कर दिया और लड़की की जिद के आगे रेलवे को झुकना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रात के एक या डेढ़ बजे तक ट्रेन की रांची पहुंचने की संभावना थी। रेलवे ने युवती का नाम अनन्या बताया है, जो बी 3 कोच की 51 नंबर सीट पर बैठकर सफर कर रही थी। अधिकारियों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि टाना भगत का आंदोलन खत्म हो जाएगा तो रात तक ट्रेन रांची पहुंचा दी जाएगी।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं और टाना भगत आंदोलन लंबे समय तक चला, जिसके बाद रेलवे ने फैसला लिया कि सफर कर रहे यात्रियों को बस के माध्यम से रांची तक पहुंचाया जाएगा। इस बात पर युवती नहीं मानी और उसने कहा कि अगर उसे बस से ही जाना होता तो दिल्ली से बस की यात्रा करती ना कि ट्रेन का टिकट लेती।
हालांकि युवती को कार का भी विकल्प दिया गया लेकिन युवती नहीं मानी और मजबूरन रेलवे को उसकी जिद के आगे मानना पड़ा। इसके बाद रेलवे ने परिवर्तित रास्ते के जरिए युवती को रांची तक पहुंचाया। इसके अलावा युवती के अकेले सफर करने की वजह से रेलवे ने उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। युवती के साथ ट्रेन में आरपीएफ का एक अधिकारी और कई महिला सिपाही भी मौजूद थीं।