झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए औद्योगिक और कॉरपोरेट घरानों से मदद मांगी थी। अब दिल्ली की एक निजी कंपनी ने अंडमान निकोबार में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों को चार्टर्ट विमान से वापस लाने की पेशकश की है।
राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए बयान जारी किया। बयान के मुताबिक कंपनी चार जून को पोर्ट ब्लेयर से चार्टर्ट विमान से इन मजदूरों को झारखंड वापल लेकर आएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लद्दाख और उत्तर-पूर्वी राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर बात की थी। उन्होंने शाह से अनुरोध किया था कि श्रमिकों को लाने के लिए हवाई सेवा का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
इसके बाद लेह और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में फंसे मजदूरों को दो बैच में अलग-अलग एयरलिफ्ट कर झारखंड वापस लाया गया था। विमान के जरिए 180 मजदूर शनिवार को राज्य वापस आए थे। वहीं, इससे पहले लेह से 60 मजदूर फ्लाइट से वापस आए थे।